RAJGARH

भोपाल संभाग आयुक्त श्री शर्मा ने राजगढ़ में विकास कार्यों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की व्यापक समीक्षा की निर्माण कार्यों में समयबद्धता, गुणवत्ता एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

 

 

राजगढ़

भोपाल संभागायुक्त भोपाल श्री कर्मवीर शर्मा के राजगढ़ आगमन पर उनका स्वागत पौधों एवं स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित स्मृति-चिन्ह से किया गया। इसके पश्चात उन्होंने जिले में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों, अधोसंरचना परियोजनाओं एवं विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। आयुक्त श्री शर्मा ने सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा, गुणवत्ता एवं अनुशासन के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यादेश में निर्धारित समय-सीमा का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनकी प्रगति में गति लाई जाए। जिन कार्यों की शुरुआत होना शेष है, उन्हें शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

समीक्षा के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों पर तत्काल पैचवर्क कराया जाए, जिससे सड़कें सुरक्षित, सुगम एवं यातायात योग्य बनी रहें। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्रामों की सड़क कनेक्टिविटी टिकाऊ एवं सर्व मौसमीय हो तथा आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों तक निर्बाध सड़क संपर्क सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ग्रामवार विश्लेषण तैयार कर आवश्यक कार्ययोजना बनाई जाए।

*मोहनपुरा, सुठालिया एवं कुंडालिया परियोजनाओं की समीक्षा*

आयुक्त श्री शर्मा ने मोहनपुरा, सुठालिया एवं कुंडालिया सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सुठालिया परियोजना की नहरों से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में सिंचित क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा सिंचाई क्षमता में वृद्धि के प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने मोहनपुरा बांध निर्माण के बाद तंवर क्षेत्र में हुए सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तनों का विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कृषि, रोजगार, आय, आजीविका एवं जीवन स्तर पर परियोजना के प्रभाव का वैज्ञानिक विश्लेषण तैयार किया जाए, ताकि भविष्य की विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

*स्वच्छता, फसल बीमा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर*

बैठक में स्वच्छता परिसरों की कार्यशीलता की समीक्षा की गई। आयुक्त श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी स्वच्छता परिसरों का नियमित उपयोग एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने फसल बीमा योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए पात्र किसानों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर बल दिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए। आशा कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लाभार्थियों का डेटा आपस में मेल खाना चाहिए। दोनों विभाग संयुक्त भ्रमण कर समन्वय के साथ कार्य करें तथा एक-दूसरे के सर्वे एवं आंकड़ों का उपयोग करें, जिससे कार्यों की पुनरावृत्ति न हो और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

*शिक्षा, छात्र कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश*

आयुक्त श्री शर्मा ने कक्षा पहली में विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत निरक्षर व्यक्तियों की अनिवार्य पहचान करने तथा सितंबर माह में परीक्षा आयोजित कराने को कहा। साथ ही अपार आईडी निर्माण की प्रगति 75 प्रतिशत से अधिक करने एवं विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में अनेक बच्चे मानसिक तनाव एवं अवसाद जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कई बार अभिभावकों की अत्यधिक अपेक्षाएं भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव का कारण बनती हैं, इसलिए विद्यालयों में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित किया जाना चाहिए।

आयुक्त श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड एवं जिला स्तरीय अधिकारी को एक-एक शासकीय छात्रावास से संबद्ध किया जाए। संबंधित अधिकारी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करेंगे तथा वहां की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं का विस्तृत परीक्षण कर अपनी निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

*कौशल विकास को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ने पर बल*

आयुक्त श्री शर्मा ने आरसेटी एवं आईटीआई संस्थानों में संचालित कौशल विकास पाठ्यक्रमों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को माइक्रो इरिगेशन सिस्टम की स्थापना, संचालन एवं रखरखाव से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन तैयार हो, रोजगार के अवसर बढ़ें तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के प्रभावी संचालन एवं रखरखाव को भी मजबूती मिले।

*समन्वित कार्यप्रणाली एवं सतत मॉनिटरिंग से विकास कार्यों को गति देने का आह्वान*

आयुक्त श्री शर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्रत्येक योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय समन्वय, संसाधनों का प्रभावी उपयोग तथा सतत अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और जिले के समग्र एवं सतत विकास को नई गति मिल सके।

*सुशासन, जनसेवा एवं प्रभावी समीक्षा प्रणाली पर आयुक्त ने दिया विशेष जोर*

आयुक्त श्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य सुशासन को सशक्त बनाना तथा आमजन को शासन की सेवाएं सरल, सुलभ एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करे तथा प्रत्येक जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी अपने विभाग के शीर्ष प्राथमिकता वाले कार्यों की स्पष्ट पहचान कर उन्हें शासन की मंशा एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि सभी विभागों की समीक्षा प्रक्रिया सुदृढ़, तथ्यपरक एवं परिणामोन्मुखी होनी चाहिए। प्रत्येक विभाग नियमित रूप से विकासखंडवार एवं तहसीलवार आंकड़ों का विश्लेषण करे, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन कर समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी अनुश्रवण, सतत समीक्षा, नियमित फॉलोअप एवं समन्वित प्रयासों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेटा आधारित निर्णय, प्रभावी समीक्षा एवं सतत प्रयास ही बेहतर परिणामों का आधार हैं, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंच सके।

इस दौरान कलेक्‍टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, वन मण्‍डाधिकारी श्री बेनीप्रसाद दोतानिया, अपर कलेक्‍टर श्री प्रताप सिंह चौहान, संयुक्‍त कलेक्‍टर श्री विरेन्‍द्र सिंह दांगी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

*समा क्रं./001/1506/07/2026 ……..00……. फोटो क्रं. 02 से 06*

Related Articles

Back to top button