जीवन की नई आस बनी जिला अस्पताल की डायलिसिस सेवा , दो नई डायलिसिस मशीनों से बढ़ी उपचार क्षमता

राजगढ़
कभी किडनी रोगियों को डायलिसिस के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। कई मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ के साथ समय और मानसिक तनाव भी बढ़ता था। लेकिन अब जिला अस्पताल राजगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दो नई डायलिसिस मशीनें शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही अस्पताल में डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़कर छह हो गई है, जिससे मरीजों को पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है।
किडनी रोगियों के लिए नियमित डायलिसिस जीवन की अनिवार्य आवश्यकता होती है। उपचार में थोड़ी भी देरी मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। नई मशीनों के शुरू होने से अब अधिक मरीजों का समय पर डायलिसिस किया जा रहा है तथा प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। जिला अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मशीनों की संख्या बढ़ने से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अब निजी अस्पतालों में महंगा उपचार कराने की आवश्यकता कम होगी। इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत भी मिलेगी और उन्हें अपने जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
सेवाओं के शुभारंभ के बाद सिविल सर्जन एवं अस्पताल प्रबंधन द्वारा डायलिसिस वार्ड का निरीक्षण कर मशीनों की कार्यप्रणाली, मरीजों की सुविधा, साफ-सफाई, बिजली एवं पानी की उपलब्धता सहित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को मशीनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आज जिला अस्पताल राजगढ़ केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद का प्रतीक बनकर उभरा है। डायलिसिस सेवाओं का यह विस्तार जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सशक्त, सुलभ तथा जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मरीजों के चेहरों पर लौटती मुस्कान और समय पर मिल रहा उपचार इस पहल की वास्तविक सफलता की कहानी बयां करता है।




