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मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गढ़पाले ने किया औचक निरीक्षण ,, विद्यार्थियों के बीच जमीन पर बैठकर बच्चों से आत्मीय संवाद किया

 

 

 

राजगढ़

कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिले के विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफएलएन) कार्यक्रम को प्रभावी बनाने तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले द्वारा बुधवार को एक ओर शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली गई, वहीं दूसरी ओर राजगढ़ विकासखण्ड के प्राथमिक शाला प्रतापगंज एवं माध्यमिक शाला पुलिस लाइन का औचक शैक्षणिक निरीक्षण कर विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

 

समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), बीआरसी, सीएसी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में एफएलएन, छात्र नामांकन, शिक्षक उपस्थिति, विद्यालय निरीक्षण, पाठ्यपुस्तक वितरण, अपार आईडी, प्रशिक्षण गतिविधियों, पीएम श्री विद्यालयों की प्रगति एवं विभिन्न विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अपार आईडी निर्माण में सबसे कम प्रगति पाए जाने पर जीरापुर एवं खिलचीपुर के बीआरसी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कमजोर प्रगति वाले विकासखण्डों को तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही कर समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

 

औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गढ़पाले ने कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों के बीच जमीन पर बैठकर बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ना, लिखना एवं गणित संबंधी गतिविधियां कराईं तथा उन्हें नियमित अध्ययन, स्पष्ट उच्चारण, सुंदर लेखन एवं आत्मविश्वास के साथ सीखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लिया। उन्‍होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर के अनुसार गतिविधि-आधारित शिक्षण कर सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान शिक्षक संदर्शिका के अनुरूप अध्यापन, हिंदी का कोना, कहानी का कोना एवं गणित का कोना सहित एफएलएन गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया।

 

माध्यमिक शाला पुलिस लाइन में एक शिक्षक द्वारा शिक्षक संदर्शिका के अनुरूप अध्यापन नहीं किए जाने को गंभीर शैक्षणिक लापरवाही मानते हुए संबंधित शिक्षक का आधे दिवस का वेतन काटने तथा कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गढ़पाले ने कहा कि विद्यालयों में केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ही प्राथमिकता है। प्रत्येक शिक्षक शिक्षक संदर्शिका के अनुरूप नियमित अध्यापन करें तथा एफएलएन के अंतर्गत उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक बच्चे को बुनियादी पढ़ना, लिखना एवं गणितीय दक्षता प्रदान करना सुनिश्चित करें।

 

उन्होंने सभी बीईओ, बीआरसी एवं सीएसी को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, सतत मॉनिटरिंग तथा समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अपार आईडी निर्माण, लंबित नामांकन, पाठ्यपुस्तक वितरण, प्रशिक्षण गतिविधियों एवं विभिन्न पोर्टलों पर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्‍होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग की गतिविधियों की नियमित समीक्षा एवं विद्यालयों का औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। शैक्षणिक गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।

 

 

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