सीएम डॉ. मोहन ने दिए निर्देश, कहा- स्वतंत्रता दिवस पर प्रभारी मंत्री जनता के सामने रखें सारी जानकारी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा की

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 जून को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर होने वाले कार्यक्रमों में जिलों के प्रभारी मंत्री, जिलों में हुए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। समारोह स्थल पर विकास कार्यों और योजनाओं को जन-सामान्य के सामने रखने के लिए प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। यह प्रस्तुतिकरण एक तरह से विकास कार्यों के सोशल ऑडिट जैसा होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला विकास समितियों का राजधानी भोपाल में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिला विकास समितियां विकास गतिविधियों के लिए शासकीय नियोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। निजी निवेश को भी प्रोत्साहित करने के लिए जिला विकास समितियां प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने और किफायती आवासों के निर्माण में ईको फ्रेंडली भवन निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य के विभागवार, संभागवार और जिलावार समस्त सांख्यिकी आंकड़े एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
*विश्राम घाट पर ही मृत्यु पंजीयन की व्यवस्था हो*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र में सभी विभागों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों के संधारण की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना में श्रेष्ठ कार्य तथा नवाचार करने वालों को प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था हो। उन्होंने मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु पंजीकरण की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मृत्यु पंजीयन के लिए विश्राम घाट पर ही पंजीयन की प्रक्रिया शुरू करने की व्यवस्था के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र के लोगों को मृत्यु प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी।
*जिलों के विकास सूचकांक स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित हों*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों के विकास सूचकांक स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अलग-अलग निर्धारित किया जाए। औद्योगिक पृष्ठ भूमि, कृषि आधारित व्यवस्था, वन क्षेत्र संपन्न जिलों के लिए विकास के सूचकांक अलग-अलग हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं का मकान बनाने वालों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और उपयुक्त भवन निर्माण सामग्री के संबंध में जागरूक करने के लिए भी जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवाकुंर समितियों की रही सक्रिय सहभागिता*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक एक लाख 37 हजार से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवाकुंर समितियों ने कुएं, बावड़ी, तालाब, नदी घाट सफाई, जल संगोष्ठी और बावड़ी उत्सव जैसे आयोजनों में सक्रिय सहभागिता की। बैठक में बताया गया कि विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमंतु परिवारों के चिन्हाकंन और पंजीकरण के लिए जारी अभियान में अब तक पच्चीस हजार से अधिक परिवारों की जानकारी पोर्टल पर प्रविष्ट की जा चुकी है। प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी जारी है।

