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संस्कार, समरसता और बचत का संगम बना सौंधिया क्षत्रिय समाज, सामूहिक विवाह से 15 करोड़ रुपये की बचत का दावा कुरीतियों से मुक्ति, बेटी शिक्षा और सामाजिक एकजुटता को लेकर सालरियाखेड़ी में हुई जिला स्तरीय बैठक।

 

राजगढ़/ब्यावरा। सामाजिक समरसता, आर्थिक बचत और संस्कारवान समाज के निर्माण की दिशा में लगातार सक्रिय अखिल भारतीय सौंधिया क्षत्रिय महासभा जिला राजगढ़ द्वारा शनिवार को ब्यावरा ब्लॉक के ग्राम सालरियाखेड़ी में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नारायण सिंह सालरियाखेड़ी ने की। बैठक में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए पदाधिकारियों ने भाग लेकर संगठनात्मक गतिविधियों, सामाजिक अभियानों और बीते वर्ष के कार्यों की समीक्षा की। साथ ही समाज में पनप रही कई कुरीतियों पर विराम लगाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई जिनमें प्रमुखता मृत्यु भोज जैसे अभियान को और सक्रिय करते हुए इस पर पूरी तरह से विराम लगाने पर विस्तार से चर्चा की गई

 

बैठक की शुरुआत सभी ब्लॉक महासचिवों से प्रतिवेदन प्राप्त करने के साथ हुई। इस दौरान गत वर्ष आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन का आय-व्यय विवरण तथा प्रबंधन समिति के एक वर्ष के लेखा-जोखा की समीक्षा की गई। जिला अध्यक्ष नारायण सिंह सालरियाखेड़ी ने कहा कि अखिल भारतीय सौंधिया क्षत्रिय समाज केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान है, जो समरसता, समृद्धि और संस्कारों को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

 

राष्ट्रीय महासचिव प्रताप सिंह सिसोदिया ने बताया कि इस वर्ष आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 610 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यदि यही विवाह व्यक्तिगत रूप से किए जाते तो प्रत्येक परिवार को औसतन ढाई लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ता। इस प्रकार समाज के सामूहिक प्रयास से करीब 15 करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल आर्थिक बचत का माध्यम नहीं, बल्कि फिजूलखर्ची, दहेज प्रथा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक प्रभावी अभियान है। बचाई गई राशि का उपयोग परिवार अपनी बेटियों की शिक्षा, बच्चों के भविष्य और सामाजिक विकास में कर सकते हैं।

 

राष्ट्रीय संगठन मंत्री लक्ष्मीनारायण चौहान ने कहा कि प्राचीन काल में संत-महात्मा गांव-गांव प्रवास कर समाज को संस्कारित करते थे। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज के कार्यकर्ताओं को भी निरंतर प्रवास करना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी में संस्कार, संगठन और सामाजिक चेतना का विकास हो सके। इस अवसर पर प्रदेश कार्य समिति सदस्य जगदीश पंवार एवं जीरापुर जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि कालू सिंह ने बैठक में मौजूद सभी समाज जनों से अपील करते हुए कहा कि समाज में चाहे कुरीतिया हो या कोई सफल आयोजन का होना  हर आयोजन में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होना चाहिए जिससे आने वाले समय में आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करने में यह पीढ़ी अपना अहम योगदान निभा सके।

 

प्रदेश महासचिव संजय सिंह पंवार ने कहा कि प्रशिक्षण और संवाद से ही संगठन मजबूत होता है। परिपक्व और जागरूक कार्यकर्ता ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने समाज में शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।

 

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अखिल भारतीय सौंधिया क्षत्रिय समाज राजगढ़ जिले के सबसे बड़े संगठित सामाजिक समूहों में शामिल है और वर्षों से “खर्च बचाओ-बेटी पढ़ाओ” की भावना के साथ सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित कर सामाजिक सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। संगठन का उद्देश्य समाज को कुरीतियों से मुक्त कर समृद्ध, शिक्षित और संस्कारवान बनाना है।

 

बैठक में युवा ब्लॉक अध्यक्ष लखन सिंह ने स्वागत भाषण दिया। संचालन जिला महासचिव कनीराम पंवार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन होकम सिंह वकील साहब ने व्यक्त किया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य गंगाराम दोबड़ा के साथ ही जिलेभर के पदाधिकारियों और समाजजनों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

 

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