RAJGARH

एचपीवी टीकाकरण में देश में प्रथम स्थान दिलाने पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा के प्रयासों की सराहना दिशा समिति की बैठक में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, सामाजिक न्याय तथा रेलवे विभाग की योजनाओं की समीक्षा

राजगढ़  जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण तथा रेलवे विभाग की योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सांसद श्री रोडमल नागर ने किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण अभियान में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले के प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व एवं स्वास्थ्य विभाग की उत्कृष्ट कार्यशैली का परिणाम है।

सांसद  नागर ने जिले में डायलिसिस मशीनों की उपलब्धता एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिले में सोनोग्राफी सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की आवश्यकता है। वर्तमान में निजी चिकित्सकों की सेवाएं लेकर सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि पचोर एवं ब्यावरा क्षेत्र में विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल ने बैठक में बताया कि जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा प्रसव सेवाओं को भी स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

बैठक में सांसद  नागर ने निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक टीबी मरीज को उपचार अवधि के दौरान छह माह तक नियमित रूप से पोषण आहार (फूड बास्केट) उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निक्षय मित्रों की सक्रिय भूमिका पर बल देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पोषण सामग्री सीधे टीबी मरीज तक पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नियमित रूप से मरीजों के स्वास्थ्य एवं पोषण की मॉनिटरिंग करें। कुपोषण की समस्या के प्रभावी समाधान के लिए विशेष अभियान संचालित करने का निर्णय लिया गया। अभियान के अंतर्गत एसडीएम एवं संबंधित अधिकारी कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी करेंगे। जिले में चिन्हित 534 कुपोषित बच्चों के उपचार एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। साथ ही आयुष विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श एवं आवश्यक उपचार भी सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए सांसद श्री नागर ने जल गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश दिए। इस पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल निगम द्वारा पेयजल की गुणवत्ता, पीएच स्तर सहित अन्य आवश्यक मानकों की नियमित जांच कराई जा रही है तथा जिलेवासियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। बैठक में नरसिंहगढ़ महोत्सव के आयोजन संबंधी प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। साथ ही केंद्र सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वरूप प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण अभियान की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता फैलाकर अधिक से अधिक लोगों को अपनी धरोहर स्वरूप उपलब्ध पांडुलिपियां पंजीकृत एवं जमा कराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया।

बैठक में सांसद  रोडमल नागर, प्रदेश सरकार के राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल, विधायक खिलचीपुर  हजारीलाल दांगी, विधायक नरसिंहगढ़  मोहन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, टीबी उन्मूलन, कुपोषण मुक्त राजगढ़, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया।

 

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