लोकतंत्र की गौरवशाली यात्रा का होगा ऐतिहासिक उत्सव- देवनानी

जयपुर, 10 जुलाई। राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत महोत्सव की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को विधानसभा में मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि जन-आकांक्षाओं की संवाहिका और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षक राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली यात्रा अनुभव और जनसेवा की 75 वर्षों की अविस्मरणीय गाथा है।
लोकतांत्रिक मूल्यों और राजस्थान के नवनिर्माण की 75 वर्षों की यात्रा –
श्री देवनानी ने कहा कि सात दशकों से अधिक की इस यात्रा में राजस्थान के विकास, सामाजिक समरसता और बुनियादी सुधारों को गति देने में सदन के प्रत्येक कालखंड के सदस्यों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। विधानसभा ने समय-समय पर ऐसे निर्णय लिए हैं, जिन्होंने प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक विकास की मजबूत आधारशिला रखी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव लोकतांत्रिक परंपराओं, विधायी उपलब्धियों और जनसेवा के संकल्प का उत्सव है। यह आयोजन अतीत के अनुभवों, वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करेगा
15 जुलाई को होगा अमृत महोत्सव का प्रथम ऐतिहासिक आयोजन-
श्री देवनानी ने बताया कि राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष के अवसर पर 15 जुलाई, 2026 को विधानसभा भवन में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थान की प्रथम विधानसभा से लेकर सोलहवीं विधानसभा तक के पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का विशाल सम्मेलन आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में लोकतंत्र की यात्रा, विधायी परंपराओं, सदन की गरिमा, संसदीय अनुभवों, चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटल रूपांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और वरिष्ठतम विधायकों का विशेष सम्मान किया जाएगा।
लोकसभा अध्यक्ष एवं उपराष्ट्रपति होंगे समारोह के प्रमुख अतिथि-
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि अमृत महोत्सव के उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि समापन समारोह में राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारतीय संसदीय लोकतंत्र का गौरवशाली उत्सव होगा, जिसमें अनुभव, परंपरा, नवाचार, महिला शक्ति, युवा ऊर्जा और जनविश्वास का अद्भुत समन्वय दिखाई देगा।
एक वर्ष तक चलेंगे अमृत महोत्सव के चार प्रमुख कार्यक्रम-
श्री देवनानी ने बताया कि राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष पर पूरे एक वर्ष तक अमृत महोत्सव के तहत चार प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में संसदीय एवं संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र आयोजित होंगे, जिनमें लोकतंत्र की मजबूती, विधायी प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
23 ऐतिहासिक कानूनों पर होगी विशेष चर्चा-
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि अमृत महोत्सव के प्रथम कार्यक्रम में राजस्थान की विभिन्न विधानसभाओं में पारित 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष चर्चा कराई जाएगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री इन कानूनों के सामाजिक एवं प्रशासनिक प्रभावों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें राजस्थान भूमि सुधार एवं जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम, 1952, राजस्थान जमींदारी एवं बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम, 1959, राजस्थान पंचायत समिति एवं जिला परिषद अधिनियम, 1959, राजस्थान प्राथमिक शिक्षा अधिनियम, 1964, राजस्थान लोकायुक्त एवं उप लोकायुक्त अधिनियम, 1973, राजस्थान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2001, राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 सहित अन्य महत्वपूर्ण कानून शामिल हैं। श्री देवनानी ने कहा कि इन कानूनों ने राजस्थान के सामाजिक परिवर्तन, प्रशासनिक सुधार, शिक्षा विस्तार, पारदर्शिता और जनकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अमृत महोत्सव के माध्यम से इन ऐतिहासिक निर्णयों की प्रासंगिकता और वर्तमान संदर्भों पर भी चर्चा की जाएगी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्षों एवं वरिष्ठ विधायकों का सम्मान-
श्री देवनानी ने कहा कि समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, पूर्व उपाध्यक्षों, छह या उससे अधिक बार निर्वाचित पूर्व विधायकों तथा वर्तमान विधायकों का सम्मान किया जाएगा। यह सम्मान राजस्थान की लोकतांत्रिक परंपरा को समृद्ध करने वाले जनप्रतिनिधियों के योगदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री शांतिलाल चपलोत, श्रीमती सुमित्रा सिंह, श्री दीपेन्द्र सिंह शेखावत, श्री कैलाश चन्द मेघवाल एवं डॉ. सी.पी. जोशी तथा पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती तारा भण्डारी, श्री रामनारायण मीणा एवं श्री राव राजेन्द्र सिंह को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त छह या उससे अधिक बार विधानसभा के सदस्य रहे वरिष्ठ नेताओं तथा वर्तमान में निर्वाचित वरिष्ठ विधायकों का भी सम्मान किया जाएगा।
विधानसभा की कार्यवाही का होगा सजीव प्रसारण-
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि अमृत महोत्सव के प्रथम कार्यक्रम का सजीव प्रसारण राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा, ताकि प्रदेश और देश के नागरिक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन सकें।




