साइबर सुरक्षा जागरूकता को नई दिशा देने वाली पुस्तक “साइबर अपराध एवं सुरक्षा कानून” पुस्तक का विमोचन हुआ

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाव हेतु जनजागरूकता के उद्देश्य से साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ एवं साइबर सलाहकार इंजी. शकील अंजुम द्वारा लिखित पुस्तक “साइबर अपराध एवं सुरक्षा कानून” का विमोचन समारोह सम्पन्न हुआ ।
यह पुस्तक साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा, साइबर कानून, पहचान की सुरक्षा, फिशिंग, सोशल मीडिया अपराध, डेटा सुरक्षा तथा आम नागरिकों के लिए आवश्यक साइबर सावधानियों को सरल एवं व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत करती है। पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, सरकारी अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, अधिवक्ताओं, व्यवसायियों तथा आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। पुस्तक का परिचय, विशेषज्ञों के विचार तथा साइबर सुरक्षा पर संवाद भी आयोजित किया जाएगा।
लेखक इंजी. शकील अंजुम ने सभी नागरिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से इस अवसर पर उपस्थित होकर साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है।
साइबर सुरक्षा जागरूकता संदेश
«”साइबर सुरक्षा केवल तकनीक नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।”»
– किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।
– OTP, बैंक PIN, CVV एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
– डिजिटल भुगतान करते समय केवल आधिकारिक ऐप एवं वेबसाइट का उपयोग करें।
– सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें।
– किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें तथा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें।
– मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करें।
“सतर्क रहें – सुरक्षित रहें।
सुरक्षित डिजिटल भारत, हम सबकी जिम्मेदारी।”

