गया में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

बाराचट्टी (SHABD) : जिले में डेंगू की संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। जिले के सभी प्रखंडों में जागरूकता अभियान चलाने के साथ संदिग्ध बुखार से पीड़ित लोगों की डेंगू जांच की जा रही है। वहीं, गंभीर मरीजों के उपचार के लिए मगध मेडिकल अस्पताल में अलग डेंगू वार्ड की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल मगध मेडिकल अस्पताल के डेंगू वार्ड में एक मरीज का उपचार चल रहा है। बताया गया कि मरीज गुजरात के सूरत में काम करता था और पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित था। गया लौटने के बाद उसकी जांच कराई गई, जिसमें डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे उपचार के लिए मगध मेडिकल अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है।
तीन मौतों की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
बाराचट्टी प्रखंड की भलुआ पंचायत के बड़की चापी गांव में डेंगू से तीन लोगों की मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने स्थानीय लोगों से जानकारी लेने के साथ संदिग्ध मामलों की जांच भी की।
सिविल सर्जन डॉ. राजाराम के अनुसार जांच में यह बात सामने आई कि जिन तीन मौतों की सूचना डेंगू से जुड़ी बताई गई थी, उनमें एक बुजुर्ग की मृत्यु लीवर संबंधी बीमारी के कारण हुई थी, जबकि दो बच्चों की मौत अन्य बीमारी से होने की जानकारी मिली। स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों को डेंगू से हुई मौत के रूप में पुष्टि नहीं की है।
22 लोगों की जांच, सभी निगेटिव
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़की चापी गांव में कुल 22 लोगों की डेंगू जांच की। जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बावजूद विभाग ने एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखने का निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में जहां से भी डेंगू या संदिग्ध बुखार के मामलों की सूचना मिल रही है, वहां स्वास्थ्य टीम भेजकर आवश्यक जांच की जा रही है। स्थानीय स्तर पर स्थिति की लगातार निगरानी भी की जा रही है।
मच्छर नियंत्रण के लिए छिड़काव
डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख स्रोत बन सकता है। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तेज बुखार होने पर जांच की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से तेज बुखार, शरीर में दर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से संभावित जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।
फिलहाल जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच, निगरानी, जागरूकता और मच्छर नियंत्रण गतिविधियों को तेज कर दिया गया है। बड़की चापी में हुई जांच में सभी 22 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत है, हालांकि विभाग स्थिति को लेकर सतर्कता बनाए हुए है।




