चित्रगुप्त प्राकट्योत्सव…अभिषेक-हवन, समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया
चित्रकला प्रतियोगिता हुईं, देर शाम तक चले आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन जुटे

कायस्थ समाज द्वारा भगवान चित्रगुप्त का प्राकट्योत्सव गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। आयोजन में सुबह से ही चित्रगुप्त मंदिर परिसर में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। आयोजन से पहले समाज के सदस्यों ने घर-घर संपर्क कर लोगों को आमंत्रित किया था। इस बार कार्यक्रम में धार्मिक गतिविधियों के साथ समाज की होनहार प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। सुबह मंदिर में भगवान चित्रगुप्त का अभिषेक किया गया। इसके बाद यज्ञ-हवन हुआ, जिसमें समाजजन ने आहुति दी। शाम को महाआरती के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ और मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा।
रंगोली व चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित :
कार्यक्रम में बच्चों व महिलाओं के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने पर्यावरण व संस्कृति से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। पिछले एक साल में अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।
महिला इकाई की कमान उमा को, यश युवा अध्यक्ष :
कार्यक्रम के दौरान समाज की बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई। ये कार्यकारिणी वरिष्ठ अध्यक्ष निर्मल श्रीवास्तव ने घोषित की। इसमें महिला इकाई की अध्यक्ष उमा सक्सेना व युवा अध्यक्ष की जिम्मेदारी यश सक्सेना को जिम्मेदारी सौंपी गई। अन्य पदों पर उपाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, सचिव दिनेश श्रीवास्तव, उपसचिव महेंद्र सक्सेना, कोषाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, युवा कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ भटनागर व सहसचिव अनुराग श्रीवास्तव को चुना गया।
मंदिर विकास पर भी हुई चर्चा :
आयोजन के दौरान समाजजन ने चित्रगुप्त मंदिर के विकास को लेकर सुझाव दिए। इन सुझावों के आधार पर आगे कार्ययोजना बनाने की बात कही गई। समाजजनों ने बताया कि समाज को एकजुट रखने के लिए सालभर अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं। महाराजा चित्रगुप्त के प्राकट्योत्सव का कार्यक्रम इसी कड़ी का प्रमुख आयोजन है।



