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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभाविप अभिनव पहल: वेस्ट प्लास्टिक से तैयार किया “ट्री ड्रिप इरिगेशन” मॉडल

 

जीरापुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राजगढ़ की जीरापुर इकाई द्वारा स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं नवाचारी पहल की गई। इस अभियान के अंतर्गत “Best Plastic from Waste Plastic” की अवधारणा पर कार्य करते हुए बेकार एवं उपयोगहीन प्लास्टिक सामग्री का पुनः उपयोग कर ट्री ड्रिप इरिगेशन (Tree Drip Irrigation) का मॉडल तैयार किया गया।

 

यह नवाचार विशेष रूप से जल की बचत और पौधों की सतत देखभाल को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से प्लास्टिक बोतलों एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री को इस प्रकार उपयोग में लाया गया कि पौधों की जड़ों तक धीरे-धीरे एवं नियंत्रित मात्रा में पानी पहुंच सके। इससे न केवल पानी की बर्बादी कम होती है, बल्कि पौधों की वृद्धि भी अधिक प्रभावी ढंग से होती है। साथ ही, यह पहल प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण (recycling) और उसके उपयोग के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी बनी।

 

कार्यक्रम के दौरान परिषद के नगर मंत्री नरेंद्र सोंधिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि “वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण एक वैश्विक चुनौती बन चुका है। ऐसे में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया यह नवाचार समाज को नई दिशा देने वाला है। यह पहल दर्शाती है कि यदि युवा वर्ग संकल्पित हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े परिवर्तन संभव हैं। हमें इस प्रकार के प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना चाहिए।”

 

उन्होंने आगे कहा कि परिषद सदैव राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध रही है, और इस प्रकार की गतिविधियां उसी दिशा में एक सशक्त कदम हैं।

 

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने आसपास के क्षेत्र में पौधारोपण कर इन ट्री ड्रिप इरिगेशन मॉडलों का प्रयोग भी किया तथा स्थानीय नागरिकों को इसके उपयोग और लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित लोगों ने इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

 

इस अवसर पर परिषद के कार्यकर्ता पवन सिसोदिया, राजेंद्र चौहान, सुरेश पंवार, हेमा, अंजू, अंकित नाथ, स्नेहा, शिवानी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

अंत में सभी ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण, जल बचत एवं प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया तथा भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित करने का निर्णय लिया।

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