बिहार ने पहली बार 60.21 प्रतिशत सीडी रेशियो हासिल कर बनाया नया कीर्तिमान

पटना (SHABD) :बिहार ने बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार 60 प्रतिशत से अधिक क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो दर्ज किया है। राज्य का सीडी रेशियो बढ़कर 60.21 प्रतिशत पहुंच गया है, जिसे राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश गतिविधियों और बैंकिंग प्रणाली में बढ़ते विश्वास का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
यह जानकारी योजना एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने की। बैठक में विभिन्न बैंकों के बैंकिंग प्रदर्शन, ऋण वितरण, जमा राशि तथा कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण प्रवाह की विस्तृत समीक्षा की गई।
विकास आयुक्त ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार, बैंकिंग संस्थानों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिया कि कृषि, एमएसएमई, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप और ग्रामीण विकास से जुड़े क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को और तेज किया जाए।
बैठक में बताया गया कि राज्य में कुल जमा राशि बढ़कर 6 लाख 15 हजार 428 करोड़ रुपये तथा कुल ऋण वितरण 3 लाख 70 हजार 563 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में जमा राशि में 51 हजार 983 करोड़ रुपये और ऋण वितरण में 37 हजार 882 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि वर्ष 2018-19 में बिहार का सीडी रेशियो 44.09 प्रतिशत था, जो लगातार सुधार के बाद अब 60.21 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विकास आयुक्त ने इसे राज्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत बताया।
श्री सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी बैंकों को केसीसी के वितरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर 19 मई से राज्यभर में “सहयोग शिविर” आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक 15 दिनों पर नियमित रूप से ऐसे शिविर लगाए जाएंगे, जहां किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित आवेदन, नवीनीकरण और अन्य बैंकिंग समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना को जन समर्थ पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि किसानों को डिजिटल माध्यम से पारदर्शी और त्वरित ऋण सुविधा उपलब्ध हो सके।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार बिहार राज्य सहकारी बैंक, बंधन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने सर्वाधिक सीडी रेशियो दर्ज किया। वहीं, इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक का सीडी रेशियो अपेक्षाकृत कम पाया गया। विकास आयुक्त ने इन बैंकों को राज्य में ऋण वितरण बढ़ाने और प्राथमिकता क्षेत्रों में निवेश को गति देने का निर्देश दिया।
बैठक में विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




