न्याय और मेधा का संगम: देपालपुर लोक अदालत में 53 लाख के अवार्ड पारित, मेधावी छात्रों ने बटोरी सुर्खियाँ

देपालपुर (इंदौर)। तहसील विधिक सेवा समिति और अधिवक्ता संघ के साझा प्रयासों से आयोजित ‘नेशनल लोक अदालत’ न केवल विवादों के निपटारे का माध्यम बनी, बल्कि प्रतिभाओं के सम्मान का उत्सव भी बन गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला न्यायाधीश माननीय हिदायत उल्ला खान के मुख्य आतिथ्य एवं अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अंतर सिंह मौर्य की अध्यक्षता में गरिमामय तरीके से हुआ। इस दौरान जहाँ एक ओर करोड़ों के वित्तीय प्रकरण सुलझाए गए, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के होनहारों का सम्मान कर उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दी गई।
शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य का आधार: जिला न्यायाधीश
समारोह के दौरान कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश श्री खान ने कहा:
“मेधावी विद्यार्थी केवल परिवार की पूंजी नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार हैं। आपकी मेहनत और अनुशासन ही आने वाले भारत की तकदीर लिखेगा। माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को आत्मसात कर निरंतर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता है।”
उन्होंने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे ‘न्याय का उत्सव’ बताया, जहाँ संवाद के माध्यम से विवादों का अंत कर सामाजिक सौहार्द को बल मिलता है।
वित्तीय निपटारे के आँकड़े: एक नजर में
लोक अदालत में आपसी सहमति से बड़ी राशि के अवार्ड पारित किए गए, जिसका. विवरण निम्नानुसार है।
विभाग/प्रकरण प्रकरणों की संख्या कुल अवार्ड राशि
बैंक वसूली प्रकरण 29 ₹ 31,51,500
न्यायालयीन लंबित प्रकरण 35 ₹ 18,96,800
नगर परिषद (जल व संपत्ति कर) 54 ₹ 2,53,600
कुल योग 118 ₹ 53,01,900 गरिमामय उपस्थिति और प्रभावी संचालन
इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी श्रीमती रिजवाना कौसर, सुमित्रा ताहेड़, दिव्या श्रीवास्तव सहित सहायक जेल अधीक्षक आर.एस. कुशवाह और एडीपीओ विशाल गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिवक्ता संघ की ओर से राजेंद्र पटेल, मालती जोशी, रजनी पवार और अन्य वरिष्ठ अभिभाषकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन अधिवक्ता चेतन हार्डिया ने किया तथा अंत में सचिव दिनेश डोंड ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन में बैंक प्रबंधक, नगर परिषद कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
संदेश: इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि जब न्याय और शिक्षा का सामंजस्य होता है, तभी एक प्रगतिशील और संवेदनशील समाज की नींव मजबूत होती है।




