स्कूल चुनाव में वोट को लेकर छात्र से मारपीट का मामला, समाज ने सौंपा ज्ञापन; पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

राजगढ़। उत्कृष्ट विद्यालय राजगढ़ में स्कूल चुनाव को लेकर शुरू हुआ छात्रों का विवाद अब सामाजिक स्तर तक पहुंच गया है। कक्षा 12वीं के छात्र से कथित मारपीट के बाद पुलिस में शिकायत, प्रकरण दर्ज होने और कार्रवाई के बाद दक्ष प्रजापति समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। समाज की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। वहीं, दूसरी ओर मामले में पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए पक्ष ने पूरे विवाद को बच्चों के बीच की लड़ाई बताते हुए इसे सामाजिक या राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की है।
स्कूल चुनाव में वोट को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त 2026 को मनोज पिता पवन प्रजापति, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम पिपलोदी थाना कालीपीठ, हाल निवासी बाराद्वारी राजगढ़, उत्कृष्ट विद्यालय राजगढ़ में कक्षा 12वीं में पढ़ाई करता है।
शिकायत में मनोज ने पुलिस को बताया कि 22 अगस्त को वह स्कूल में पानी की टंकी के पास ग्राउंड में बैठा हुआ था। इसी दौरान अर्जुन पिता सागर गुर्जर अपने एक साथी के साथ वहां आया।
फरियादी का आरोप है कि स्कूल चुनाव में अर्जुन के भाई को वोट नहीं देने की बात को लेकर अर्जुन और उसके साथी ने डंडों से उसके साथ मारपीट की। शिकायत में गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया।
छात्र ने पुलिस थाने में दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद फरियादी मनोज ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली राजगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार, फरियादी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 639/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 296(b), 115(2), 351(3) एवं 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
इस प्रकार घटना के बाद पुलिस की ओर से प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस कार्रवाई के बाद समाज ने उठाए सवाल
मामले में पुलिस कार्रवाई होने के बाद यह विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। घटना को लेकर दक्ष प्रजापति समाज के लोगों में नाराजगी सामने आई। समाज के बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।
समाज की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। समाज के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि मामले में यदि अन्य लोगों की भी भूमिका है तो उनकी भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन देते समय थाना प्रभारी से हुई बातचीत
कलेक्ट्रेट में एसडीएम राजगढ़ को ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान समाज के प्रदेश अध्यक्ष और थाना प्रभारी के बीच बातचीत भी चर्चा का विषय बन गई।
समाज के प्रदेश अध्यक्ष ने दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई को लेकर थाना प्रभारी से सवाल करते हुए कथित तौर पर पूछा—“वह तुम्हारे रिश्तेदार हैं क्या?”
इस पर थाना प्रभारी ने जवाब देते हुए कहा—“आप किस लहजे में बात कर रहे हैं? मेरा कोई रिश्तेदार नहीं है। मेरे द्वारा कार्रवाई की गई है।”
थाना प्रभारी के इस जवाब के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच यह बातचीत चर्चा का विषय बन गई। थाना प्रभारी ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा मामले में कार्रवाई की जा चुकी है और किसी प्रकार के व्यक्तिगत संबंध या पक्षपात की बात नहीं है।
दूसरे पक्ष के परिजनों ने क्या कहा?
वहीं, पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए पक्ष से बातचीत की गई तो सागर गुर्जर ने मामले को लेकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि यह विवाद मूल रूप से बच्चों के बीच हुआ था और इसे अब अनावश्यक रूप से बड़ा किया जा रहा है।
सागर गुर्जर के अनुसार, बच्चों के बीच यदि किसी बात को लेकर विवाद हुआ है तो दोनों पक्षों के बच्चों को साथ बैठाकर समझाइश दी जानी चाहिए। उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, न कि बच्चों की लड़ाई को समाज या राजनीति का मुद्दा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर प्रजापति समाज द्वारा सामाजिक राजनीति की जा रही है, जो उचित नहीं है। उनका कहना है कि विवाद को शांत करने के बजाय उसे आगे बढ़ाने से किसी पक्ष का फायदा नहीं होगा।
गांव में नहीं घुसने देने के आरोपों को बताया गलत
सागर गुर्जर ने प्रजापति समाज की ओर से लगाए गए उन आरोपों को भी गलत बताया, जिनमें कथित तौर पर कहा गया कि उनके पक्ष के लोगों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गांव में सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। किसी को गांव में आने से रोकने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वे न तो किसी को नुकसान पहुंचाने की सोच रहे हैं और न ही किसी को नुकसान पहुंचाएंगे।
उनका कहना है कि गांव में सभी लोग मिल-जुलकर रहते हैं और बच्चों के विवाद को लेकर आपसी संबंध खराब करना उचित नहीं होगा।
“बच्चों की लड़ाई है, इसे बड़ा न बनाएं”
सागर गुर्जर ने कहा कि यह मूल रूप से बच्चों के बीच हुई लड़ाई है। इसे सामाजिक विवाद बनाने के बजाय बच्चों को समझाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य और उनकी पढ़ाई ज्यादा महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों के लोगों को आपसी विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय बच्चों को समझाना चाहिए, ताकि मामला शांत हो सके।
“पुलिस कार्रवाई कर चुकी, न्यायालय से जमानत भी मिल चुकी”
सागर गुर्जर ने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा मामले में जो कानूनी कार्रवाई की जानी थी, वह की जा चुकी है। उनके अनुसार, पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और कार्रवाई के बाद न्यायालय से जमानत भी मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि जब कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो अब इस मामले को और अधिक बढ़ाने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए।
एक घटना से स्कूल विवाद ने लिया सामाजिक रूप
पूरे घटनाक्रम में पहले स्कूल चुनाव को लेकर छात्रों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद मारपीट का आरोप लगाते हुए छात्र मनोज पिता पवन प्रजापति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कोतवाली राजगढ़ में अपराध क्रमांक 639/2026 दर्ज कर बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस कार्रवाई के बाद दक्ष प्रजापति समाज ने मामले को लेकर कलेक्ट्रेट एवं एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। ज्ञापन के दौरान थाना प्रभारी और समाज के प्रदेश अध्यक्ष के बीच हुई बातचीत भी चर्चा में रही।
वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से सागर गुर्जर ने पूरे मामले को बच्चों के बीच का विवाद बताते हुए इसे सामाजिक और राजनीतिक रूप नहीं देने की अपील की है




