RAJGARH

राजगढ़ में एचपीवी टीकाकरण पर अफवाहों का साया, कई अभिभावकों ने बेटियों को टीका लगवाने से किया इनकार

 

लखन गुर्जर राजगढ़ बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से जिले में चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के बीच कई स्थानों पर अभिभावकों की नाराजगी और विरोध सामने आ रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की मैदानी टीमों को घर-घर पहुंचकर लोगों को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद कई परिवार अपनी बेटियों को यह टीका लगवाने के लिए तैयार नहीं हो रहे।

जानकारी के अनुसार कई परिजनों ने लिखित रूप से यह तक दे दिया है कि वे अपनी बेटियों को एचपीवी का टीका नहीं लगवाना चाहते। टीकाकरण को लेकर समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां और अफवाहें फैल रही हैं, जिसके कारण अभियान की रफ्तार पर भी असर पड़ रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि इस टीके से बालिकाओं में कमजोरी आ सकती है या वे बीमार पड़ सकती हैं।

वार्ड क्रमांक 14 और 15 में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार लोगों को समझाने और जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद कई परिजन अपनी बेटियों को टीका लगवाने के लिए तैयार नहीं हो रहे। उनका कहना है कि जब परिवार स्वयं ही अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण नहीं करवाना चाहते, तो विभागीय टीमों के सामने भी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

महिला बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर श्रीमती पूजा विजयवर्गीय ने कहा कि एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित है और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में यह बेहद प्रभावी माना जाता है। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में भी कोविड-19 टीकाकरण को लेकर इसी तरह की भ्रांतियां और अफवाहें फैली थीं, जिसके कारण शुरुआत में लोगों में डर और संकोच देखा गया था।

फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन अफवाहों को दूर करने और लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक बालिकाओं को इस टीकाकरण का लाभ मिल सके और उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। वही मिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर श्रीमती पूजा विजयवर्गी एवं वार्ड क्रमांक 15 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनोरमा अनंत ने कहा कि हमारे द्वारा बालिकाओं एवं बालिकाओं के परिजनों को समझाइए दी जा रही है जिस पर कुछ परिवार अपनी बालिकाओं का टीकाकरण भी करवाया गया वहीं कई परिवार ऐसे हैं जो की अफवाहों के कारण डरे हुए हैं

Related Articles

Back to top button