मध्यप्रदेश

सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल: शोभा टाह फाउंडेशन ने रचाया 11 कन्याओं का सामूहिक कन्यादान महायज्ञ

न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान की ग़ज़ल ने भरा उत्साह, केंद्रीय मंत्री और संतों के सान्निध्य में गूंजे मांगलिक मंत्र

 

बिलासपुर | भारतीय संस्कृति की सेवा और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत करते हुए शोभा टाह फाउंडेशन द्वारा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सामूहिक कन्यादान महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। संस्था के संस्थापक अनिल टाह के नेतृत्व में आयोजित इस गरिमामय समारोह में 11 निर्धन कन्याओं का विवाह पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। मध्य नगरी चौक स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया, बल्कि समाज को एकजुटता और समानता का सशक्त संदेश भी दिया।

संतों का आशीष और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में प्रयागराज के पूज्य स्वामी बृजेशानंद महाराज और गोदड़ी धाम की महंत अम्मा मीरा देवी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। स्वामी बृजेशानंद ने अपने आशीर्वचनों में कन्यादान को सर्वोच्च दान बताते हुए इसे आत्मिक उन्नति का मार्ग बताया। वहीं, अम्मा मीरा देवी ने बेटी को ईश्वर का अनुपम वरदान बताते हुए नारी सम्मान को सुदृढ़ करने पर बल दिया। बनारस धाम के श्रद्धेय हितेश्वर महाराज ने वर्चुअली जुड़कर नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।

न्यायाधीश की ग़ज़ल ने बांधा समां

विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित इंदौर (मप्र) के जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कार्यक्रम में अनूठी ऊर्जा भर दी। उन्होंने सामाजिक न्याय और संवेदना पर बल देते हुए अपनी स्वरचित ग़ज़ल— “जो बेटी को अमानत है समझता, वही जग में भलाई कर रहा है…” की मार्मिक प्रस्तुति दी, जिसे जनसमूह ने खूब सराहा। उन्होंने कहा कि निर्धन परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह ही वास्तविक सामाजिक न्याय है।

उपहारों से सजाया गृहस्थी का आंगन

फाउंडेशन की ओर से नवविवाहित जोड़ों को मंगलसूत्र और नकद राशि के साथ गृहस्थी का संपूर्ण सामान (पलंग, अलमारी, टीवी, कूलर, रसोई के बर्तन आदि) भेंट किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जनकल्याण के वास्तविक स्वरूप को दर्शाते हैं। विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, और संजय दुबे सहित अन्य प्रबुद्ध जनों ने भी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को समाज की प्रगति का आधार बताया।

छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान से विभूषित हुईं विभूतियां

समाज सेवा, पर्यावरण और आध्यात्म के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली हस्तियों—लता सौमित्र गुप्ता, रेखा मदन मोहन गुल्ला, निर्मल अग्रवाल, स्मृति जैन वैष्णव, श्री राम यादव और शिव सारथी को ‘छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान’ से नवाजा गया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में उद्योगपति प्रवीण झा, चरण सिंह गंभीर, अशोक गोयल, पार्षद सुनील सोनकर, धनपुरी (शहडोल) के वरिष्ठ पार्षद बालकरण विश्वकर्मा, कार्तिकेय गोयल, अनुभा टाह गोयल, डॉ. शरद ग्रेवाल, और बागेश्वर धाम शिष्य सेवा मंडल के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संस्था प्रमुख अनिल टाह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउंडेशन का लक्ष्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। कार्यक्रम का कुशल संचालन भुवन वर्मा ने किया।

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