जान जोखिम में डालकर रस्सी पर खेल दिखा रहे बच्चों का रेस्क्यू।
बाल कल्याण समिति, पुलिस और अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त कार्रवाई,बाल मजदूरी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर दी स चेतावनी।

राजगढ़।शहर और आसपास के कस्बों में बच्चों से खतरनाक करतब कराकर लोगों का मनोरंजन करवाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक गंभीर मामले में राजगढ़ शहर में दो मासूम बच्चों को ऊंचाई पर बंधी रस्सी पर सर्कस जैसा खेल दिखाते हुए पाया गया, जिससे उनकी जान को बड़ा खतरा बना हुआ था। मामले की सूचना मिलते ही बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें जोखिम भरे काम से मुक्त कराया।
जानकारी के अनुसार, शहर के एक क्षेत्र में दो बच्चे लोगों की भीड़ के सामने रस्सी पर संतुलन बनाकर खतरनाक करतब दिखा रहे थे। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के बच्चों से इस तरह के जोखिम भरे खेल करवाए जा रहे थे, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। मामले की सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति, विशेष किशोर पुलिस इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामाजिक संस्था अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
रेस्क्यू के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उनकी काउंसलिंग कर उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति का भी ध्यान रखा गया। समिति ने बच्चों के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी कि बच्चों से इस प्रकार के खतरनाक और जोखिम भरे काम करवाना न केवल उनकी जान के लिए खतरा है बल्कि यह बाल अधिकारों का भी उल्लंघन है।
टीम के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि बच्चों से इस तरह के करतब करवाना बाल मजदूरी की श्रेणी में भी आ सकता है और इससे बच्चों के जीवन, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और स्वस्थ वातावरण देना हर अभिभावक और समाज की जिम्मेदारी है।
इस पूरे मामले में अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की भूमिका भी सराहनीय रही। संस्था के सदस्यों ने न केवल समय पर सूचना उपलब्ध करवाई बल्कि मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान में सक्रिय सहयोग किया। संस्था लंबे समय से बाल संरक्षण, बाल मजदूरी रोकने और जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अहिंसा के साथी ने कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक को भी ऐसे मामलों में जागरूक रहना चाहिए और बच्चों के साथ हो रहे किसी भी प्रकार के शोषण या जोखिम भरे कार्य की सूचना संबंधित विभागों को देना चाहिए।
कार्रवाई के दौरान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष साकेत शर्मा, विशेष किशोर पुलिस इकाई से रमेशचंद भिलाल, एएसआई अनीता चौहान, संरक्षण अधिकारी राहुल वर्मा तथा अहिंसा वेलफेयर सोसायटी से निकिता मेवाड़े और सादिक अहमद सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बाल कल्याण समिति ने परिजनों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में बच्चों से इस प्रकार के खतरनाक खेल नहीं करवाए जाएं। समझाइश के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने यह संदेश भी दिया कि बच्चों की सुरक्षा और उनका भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है, और किसी भी कीमत पर उन्हें जोखिम में डालना स्वीकार्य नहीं होगा।


