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विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न पं. प्रदीप मिश्रा बोले—भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा

 

लखन गुर्जर
राजगढ़ छापीहेड़ा। श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की वर्षगांठ के अवसर पर छापीहेड़ा में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य रूप से सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने ओजस्वी संबोधन दिया। सम्मेलन में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। विशाल जनसमूह के बीच धर्म, संस्कृति, समरसता और राष्ट्र चेतना का सशक्त संदेश दिया गया।
पं. प्रदीप मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र था, हिंदू राष्ट्र है और हिंदू राष्ट्र ही रहेगा। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति किसी से भेद नहीं करती, बल्कि सबको जोड़ने वाली जीवन पद्धति है। वृक्ष, नदी, मंदिर और श्मशान सभी के लिए समान हैं—यही सनातन की मूल भावना है।

पंच परिवर्तन से होगा समाज परिवर्तन
पं. मिश्रा ने पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को 15 दिन में एक बार पूरे परिवार के साथ बैठकर भोजन करना चाहिए, आपसी प्रेम और संवाद बढ़ाना चाहिए तथा जाति-पात और ऊंच-नीच का भेद मिटाकर समरस समाज का निर्माण करना चाहिए।
उन्होंने सप्ताह में एक दिन सामूहिक रूप से एकत्र होने और प्रतिदिन मंदिर दर्शन की परंपरा को अपनाने पर बल दिया।

साध्वी रंजना दीदी का सशक्त संदेश
कार्यक्रम में संत वक्ता साध्वी रंजना दीदी ने कहा कि “हिंदू ही सनातन संस्कृति का मूल आधार है।”
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। जहां हिंदू समाज कमजोर हुआ है, वहां उसे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। देश तभी आगे बढ़ेगा जब समाज कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ चलेगा।

संघ की शताब्दी यात्रा पर प्रकाश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र कार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध ने संघ की संघर्षमय 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि अनेक बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद संघ निरंतर समाज परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा हुआ है। संघ आज समाज की सज्जन शक्ति को साथ लेकर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति हेतु कार्य कर रहा है।
प्रदर्शनी और यज्ञ रहे आकर्षण
सम्मेलन स्थल पर पंच परिवर्तन, सेवा भारती तथा महापुरुषों के चित्रों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई।
प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु ने पंचकुंडी यज्ञ में समिधा अर्पित कर समरस यज्ञ में सहभागिता की। हजारों महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा ने पूरे नगर को धर्ममय वातावरण से भर दिया।

15 दिनों तक चले धार्मिक व सामाजिक आयोजन
हिंदू सम्मेलन की तैयारी के तहत बीते 15 दिनों से नगर में अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड, शोभायात्राएं, स्वच्छता अभियान और धार्मिक कथाओं का आयोजन किया गया, जिससे पूरे नगर में आस्था और सामाजिक चेतना का वातावरण बना। कार्यक्रम के दौरान पूरा मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा। संतों, संघ पदाधिकारियों और कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के संदेशों ने समाज में एकता, समरसता और सनातन जागरण का संकल्प मजबूत किया।

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