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राजयोग मेडिटेशन बना लोगों के लिए ‘संजीवनी’ विशाल नशा मुक्त भारत अभियान

सॉफ्ट पॉवर की तरह कार्य करता हैं राजयोग का अभ्यास…

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) में आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से एक बड़ी सफलता देखने को मिल रही है। इसी क्रम में प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शिव स्मृति भवन नेपियर टाउन जबलपुर के सौजन्य से ज्ञान संजीवनी भवन राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से नशे की गंभीर गिरफ्त में लोगों ने न केवल नशा छोड़ा है, बल्कि एक खुशहाल जीवन की शुरुआत भी की है। इस कार्यक्रम में जबलपुर के महापौर भ्राता जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक भ्राता अभिलाष पांडेय, विधायक भ्राता नीरज सिंह, भ्राता सांसद आशीष दुबे,डॉ श्याम जी रावत, डॉ लखन वैश्य, राजयोगिनी बी के हेमलता इंदौर जोन सेवाकेंद्र संचालिका, राजयोगिनी बी के. कुसुम संचालिका नरसिंहपुर, राजयोगिनी बी के भावना , बी के उषा समेत कई गणमान्य उपस्तिथ रहें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें बी के बनारसी भाई ने बताया की किस तरह से राजयोग बदल रहा है जीवन
हाल ही में आयोजित ‘नशा मुक्त विजयी योद्धाओं के सम्मान समारोह’ और विभिन्न राज्यों में निकाली गई ‘नशा मुक्ति रथ यात्रा’ से लोगो कों राजयोग के अभ्यास से कई तरह के लाभ दिखाई दिए जैसे
इच्छाशक्ति (Will Power) में वृद्धि: राजयोग के माध्यम से व्यक्ति को ‘स्व-दर्शन’ (Self-realization) की शिक्षा दी जाती है, जिससे उसका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस आता है।

राजयोग मेडिटेशन से मस्तिष्क में डोपामिन और एंडोर्फिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो तनाव को कम करते हैं और नशे की ‘तलब’ (Cravings) को खत्म करने में मदद करते हैं।
सरकार और ब्रह्माकुमारीज़ के बीच हुए MoU के तहत विशेष जागरूकता वाहनों के जरिए लाखों युवाओं को राजयोग से जोड़कर उन्हें सकारात्मक जीवनशैली की ओर मोड़ा जा रहा है।

जबलपुर के महापौर भ्राता जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक भ्राता अभिलाष पांडेय, विधायक भ्राता नीरज सिंह, भ्राता सांसद आशीष दुबे समेत सभी ने ब्रह्मा कुमारीज के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही नशे जैसी सामाजिक बुराई का स्थायी समाधान है। और आज जबलपुर समेत विभिन्न स्थानों से आये हुए नशे कों जीते विजेताओं कों सम्मानित होता देखना सच में प्रेरणादाई है।
ब्रह्मा कुमारी इंदौर जोन की संचालिका राजयोगिनी बी के हेमलता ने बताया की जब मन परमात्मा की शक्ति से जुड़ता है, तो बुरी आदतें स्वतः ही छूटने लगती हैं। राजयोग कोई शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक अनुशासन है जो किसी भी प्रकार बुरे नशे से मुक्त करने में सहायक है।
बी के डॉ श्याम जी रावत ने बताया की ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है। राजयोग मेडिटेशन इसमें एक “सॉफ्ट पावर” की तरह काम कर रहा है, जो बिना किसी कड़वी दवा के, प्रेम और शांति के माध्यम से समाज को नशामुक्त बना रहा है।

बी के.उषा ने सभी कों राजयोग का गहरा अभ्यास कराया।

 

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