पंचायतों में वित्तीय अनियमितता के प्रकरणों में पूर्व सरपंचो को किया 6 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित

राजगढ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले के न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89/92 के अंतर्गत पंचायतों में वित्तीय अनियमितता एवं राशि वसूली से संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत पाडल्या आंजना, जनपद पंचायत राजगढ़ के पूर्व सरपंच श्री चंदरसिंह एवं तत्कालीन सचिव श्री कैलाशचन्द्र लववंशी के विरुद्ध सामुदायिक भवन एवं हेडमास्टर कक्ष से संबंधित वसूली प्रकरण प्रचलित थे।
पूर्व सरपंच श्री चंदरसिंह द्वारा राशि जमा नहीं किए जाने तथा जमानती वारंट जारी होने के उपरांत भी न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर शेष राशि की वसूली भू-राजस्व बकाया के रूप में किए जाने का आदेश पारित किया गया। साथ ही पूर्व सरपंच श्री चंदरसिंह को 6 वर्ष की अवधि के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। प्रकरण में तत्कालीन सचिव श्री कैलाशचन्द्र लववंशी द्वारा कार्यवाही के दौरान निर्धारित समानुपातिक 1/2 राशि जमा की जा चुकी थी तथा उन्हें प्रकरण में पूर्व में दंडित किया जा चुका है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत चिडलावनिया, जनपद पंचायत सारंगपुर की पूर्व सरपंच श्रीमती पूरीबाई वर्मा के विरुद्ध पंचपरमेश्वर योजना अंतर्गत सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य के लिए आहरित 64,000 रुपए की राशि से कार्य नहीं किए जाने का प्रकरण सामने आया। प्रकरण में बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर 64,000 रुपए की राशि की वसूली भू-राजस्व बकाया के रूप में किए जाने का आदेश पारित किया गया। साथ ही वित्तीय अनियमितता के लिए दोषी मानते हुए श्रीमती पूरीबाई वर्मा को 6 वर्ष की अवधि के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
वहीं ग्राम पंचायत झरखेड़ा, जनपद पंचायत ब्यावरा के प्रचलित प्रकरण में पूर्व सरपंच श्रीमती लीलाबाई पति श्री रामसिंह दांगी द्वारा वित्तीय अनियमितता से संबंधित राशि जमा नहीं किए जाने के कारण न्यायालय द्वारा जमानती वारंट जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। जिला पंचायत द्वारा पंचायतों में शासकीय राशि के उपयोग में पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।



