नेशनल लोक अदालत से प्राप्त हो रहे हैं सर्वोत्तम परिणाम – श्री राजीव म. आपटे प्रधान जिला न्यायाधीश

राजगढ़ जिला न्यायालय राजगढ़ परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजगढ़ श्री राजीव म. आपटे ने कहा कि प्रत्येक नेशनल लोक अदालत में उत्तरोत्तर सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। इस वर्ष पूर्व में आयोजित दो नेशनल लोक अदालतों में भी बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। इसकी प्रमुख वजह आमजन में बढ़ रही जागरूकता है। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ कार्यक्रम जिला न्यायालय परिसर, राजगढ़ स्थित ए.डी.आर. सेंटर के सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला न्यायालय राजगढ़ में पदस्थ विशेष न्यायाधीश, कुटुंब न्यायाधीश, समस्त जिला न्यायाधीश, व्यवहार न्यायाधीश, जिला अभिभाषक संघ राजगढ़ के अध्यक्ष, अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, शासकीय अधिवक्ता, विद्युत विभाग, नगर पालिका, बी.एस.एन.एल., बैंक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, न्यायिक कर्मचारी एवं पैरालीगल वालेंटियर्स उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली की कार्ययोजना एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 सितम्बर को प्रधान जिला न्यायाधीश श्री राजीव म. आपटे के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय राजगढ़ तथा तहसील न्यायालय ब्यावरा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, खिलचीपुर एवं जीरापुर में किया गया। नेशनल लोक अदालत के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित तथा न्यायालय में प्रस्तुत होने से पूर्व के प्रकृति के प्रकरणों का निराकरण सुलह-समझौते एवं राजीनामा के माध्यम से कराने के लिए कुल 26 खंडपीठों का गठन किया गया।
इनमें जिला न्यायालय राजगढ़ में 07, तहसील न्यायालय ब्यावरा में 06, नरसिंहगढ़ में 05, सारंगपुर में 04 तथा खिलचीपुर एवं जीरापुर में 02-02 खंडपीठों का गठन किया गया। समस्त खंडपीठों के समक्ष कुल 10,697 लंबित प्रकरण एवं 1,898 प्रीलिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए हैं।
इसी क्रम में न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजगढ़ श्रीमती नीलिमा देव दत्त द्वारा दो पक्षों के बीच 3 लाख रुपये की राशि के लेन-देन से संबंधित एक लंबित मामले में दोनों पक्षों को बुलाकर उचित न्यायिक सलाह प्रदान की गई। दोनों पक्षों के बीच राशि के लेन-देन को लेकर समझौता कराया गया, जिसके बाद मामले का निराकरण किया गया।



