मातृ एवं शिशु मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा कमियां सुधारने और पुनरावृत्ति रोकने के सख्त निर्देश

राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार जिले की मातृ एवं शिशु मृत्यु प्रकरणों की गहन समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शनिवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर कलेक्टर श्री प्रताप सिंह चौहान ने प्रत्येक प्रकरण की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष तक के 262 शिशु मृत्यु प्रकरण रिपोर्ट हुए हैं, जिनके सटीक कारणों का पता लगाकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही जिले में कुल 5 मातृ मृत्यु प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी सभी दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत समीक्षा की गई।
*पीपीटी के जरिए ब्लॉक स्तरीय टीमों से जवाब- तलब*
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शेख जलालुद्दीन ने पीपीटी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीमों को बुला कर प्रत्येक मातृ मृत्यु प्रकरण की गहन समीक्षा की। समीक्षा में शामिल 5 मातृ मृत्यु प्रकरणों में ब्यावरा से 1 प्रकरण, राजगढ़ से 2 प्रकरण और नरसिंहगढ़ से 2 प्रकरण शामिल थे। बैठक में मृतको के परिजनों को भी विशेष रूप से बुलाया गया था।अधिकारियों ने परिजनों से महिला की शुरुआती स्वास्थ्य समस्याओं से लेकर अस्पताल में उपचार मिलने तक के पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और उचित कार्यवाही के निर्देश दिये।
*पोर्टल पर कम प्रगति वाले ब्लॉकों को एक सप्ताह की मोहलत*
शिशु मृत्यु समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य पोर्टल पर कम उपलब्धि दर्ज कराने वाले ब्लॉकों को कार्य सुधारने के लिए एक सप्ताह का अंतिम समय दिया गया है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य उन गलतियों को चिन्हित करना है जिनके कारण मृत्यु हुई, ताकि भविष्य में उन्हें दोहराया न जा सके, फिर चाहे वह परिजनों द्वारा समय पर अस्पताल न ले जाने की लापरवाही हो या स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर इलाज में हुई देरी। इन सभी कमियों को दूर कर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी अंकुश लगाना ही प्राथमिकता है। बैठक में सभी ब्लॉकों के बीएमओ, संबंधित चिकित्सक, डीपीएम, डीसीएम, बीपीएम, बीसीएम, सीएचओ, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा सुपरवाइजर, आशा कार्यकर्ता और संबंधित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।




