गुरु ही राष्ट्र निर्माण के आधार, शिक्षा ही सफलता का सबसे बड़ा माध्यम – राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार

राजगढ़
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को ब्यावरा स्थित शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित “महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व–2026” महोत्सव में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग श्री नारायण सिंह पंवार ने सहभागिता कर गुरुजनों का सम्मान किया तथा विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के निर्माता, संस्कारों के संवाहक एवं राष्ट्र निर्माण के प्रेरणास्रोत होते हैं। गुरु का मार्गदर्शन ही जीवन को सही दिशा, उद्देश्य और सफलता प्रदान करता है। गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान हमारी सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने समस्त गुरुजनों के चरणों में सादर नमन करते हुए उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन ला रही है। सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुसज्जित स्मार्ट कक्षाएँ, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएँ, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएँ, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था, स्वच्छ एवं सुरक्षित परिसर तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकें। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि आप मन लगाकर पढ़ाई करेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त करेंगे तो केवल आपका ही नहीं, बल्कि आपके माता-पिता, गुरुजनों, विद्यालय और पूरे क्षेत्र का सम्मान भी बढ़ेगा। आपकी सफलता आपके परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बनेगी।
उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए कहा कि साधारण परिवार से निकलकर शिक्षा और कठिन परिश्रम के बल पर उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक का सफर तय किया तथा करोड़ों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दी। वहीं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि एक महान शिक्षक का समाज निर्माण में योगदान अतुलनीय होता है। आज भी पूरा देश उनके सम्मान में शिक्षक दिवस मनाता है, जो गुरु के गौरव का सर्वोच्च उदाहरण है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने भी गुरुकुल में रहकर महर्षि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की थी। यह हमारे लिए संदेश है कि ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और गुरु के प्रति समर्पण ही जीवन में महानता का आधार बनते हैं।
विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण का महत्व बताते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि बिना लक्ष्य के जीवन अधूरा है और बिना लक्ष्य के सफलता भी प्राप्त नहीं की जा सकती। आप सभी अपने जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, निरंतर मेहनत करें और पूरे समर्पण के साथ उसे प्राप्त करने का प्रयास करें। सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने द्रौपदी स्वयंवर तथा अर्जुन की उस प्रसिद्ध परीक्षा का उल्लेख किया, जिसमें गुरु द्रोणाचार्य ने शिष्यों की एकाग्रता की परीक्षा ली थी। मंत्री पंवार ने कहा कि जब गुरु द्रोणाचार्य ने पक्षी की आँख पर निशाना लगाने को कहा, तब केवल अर्जुन ने अपने लक्ष्य पर पूर्ण एकाग्रता रखी और सफलता प्राप्त की। यही संदेश हमें जीवन में लक्ष्य निर्धारण, एकाग्रता और निरंतर अभ्यास का महत्व सिखाता है।
इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने विद्यालय के शत-प्रतिशत उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों का सम्मान किया। विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने विद्यार्थियों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के पश्चात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने एक_पेड़_माँ_के_नाम अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में गुलमोहर का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनका संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।



