किसानों के हित में जलछाजन व सिंचाई योजनाओं में तेजी के निर्देश

पटना (SHABD) : बिहार सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जलछाजन विकास और सिंचाई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा एवं कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने शनिवार को जलछाजन विकास घटक-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) की प्रगति और कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि सिंचाई और जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचना चाहिए, ताकि कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने निर्देश दिया कि किसानों से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विकास आयुक्त, बिहार की अध्यक्षता में संबंधित विभागों, विशेषकर लघु जल संसाधन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को शीघ्र स्वीकृति दिलाने और धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और जलछाजन विकास के माध्यम से कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बीज वितरण की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को बुआई के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि समय पर बीज उपलब्ध होने से फसलों की बुआई बेहतर तरीके से हो सकेगी और किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में निदेशक, भूमि संरक्षण सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार जलछाजन विकास समिति द्वारा योजना की प्रगति से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि WDC-PMKSY 2.0 योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक स्वीकृत थी, जिसे केंद्र सरकार द्वारा सितंबर 2026 तक विस्तारित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा योजना के तहत 19.85 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को लाभ पहुंचाने वाले विकास कार्यों में किया जाएगा।
बैठक के दौरान आगामी WDC-PMKSY 3.0 योजना की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी और योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के किसानों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराया जाए, ताकि राज्य के किसानों को जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।




