समर कैम्पों से 12 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच रही शिक्षा की नई ऊर्जा

मुंगेर (SHABD) : बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित समर कैम्प-2026 राज्यभर में बच्चों के लिए सीखने, पढ़ने और रचनात्मक गतिविधियों का एक बड़ा अभियान बनकर उभरा है। राज्य के लगभग 82 हजार समर कैम्पों के माध्यम से 12 लाख से अधिक बच्चों को शिक्षा, रचनात्मकता और कौशल विकास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी अभियान के अनुश्रवण के तहत प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर (भा.प्र.से.) ने सोमवार को पटना स्थित बालक मध्य विद्यालय, पुनाईचक, कन्या मध्य विद्यालय, पुनाईचक तथा नवीन पार्क मध्य विद्यालय, राजवंशी नगर का भ्रमण कर समर कैम्प की गतिविधियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान निदेशक स्वयं बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने बच्चों के साथ कहानियां सुनीं, कहानी के पात्रों और घटनाओं पर चर्चा की तथा बच्चों को अपने विचार और अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपनी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और समझ का परिचय दिया।
इस दौरान निदेशक ने बच्चों के साथ गणित की रोचक गतिविधि “संख्या चक्र” का संचालन किया। गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और गणनात्मक दक्षताओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण बच्चों में सीखने के प्रति रुचि और उत्साह पैदा करता है तथा कठिन विषयों को भी सरल और आनंददायक बना देता है।
विक्रम विरकर ने कहा कि बिहार में संचालित समर कैम्प अब केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह बच्चों की सीखने की निरंतरता बनाए रखने वाला जन-अभियान बन चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 82 हजार समर कैम्पों के माध्यम से 12 लाख से अधिक बच्चे पठन-पाठन, लेखन, गणित, कला, खेल और संवाद आधारित गतिविधियों से लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों को विद्यालय से जोड़े रखने, उनकी बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत करने तथा सीखने को आनंददायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
निदेशक ने तालीमी मरकज़ (शिक्षा सेवक) और टोला सेवकों की भूमिका की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी के कारण यह अभियान समाज के अंतिम छोर तक पहुंच रहा है। उनके प्रयासों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है और अभिभावकों तथा समुदाय की भागीदारी भी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि समर कैम्प-2026 का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ करना, उनकी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करना तथा अवकाश अवधि में भी सीखने की प्रक्रिया को निरंतर बनाए रखना है। कैम्प में कहानी, खेल, कला, समूह चर्चा और गणितीय गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने के विविध अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस अभियान को सफल बनाने में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कृतिका वर्मा, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के राज्य समन्वयक मो. नैयर आलम, कार्यक्रम समन्वयक दीनानाथ कुमार सिन्हा, सरोज कुमार झा एवं गीता देवी सहित कई अधिकारी और शिक्षाकर्मी उपस्थित रहे।
निदेशक ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा विभाग, विद्यालयों, तालीमी मरकज़, टोला सेवकों, स्वयंसेवकों और समुदाय के संयुक्त प्रयासों से संचालित यह अभियान बच्चों में आत्मविश्वास, सीखने की रुचि और विद्यालय से जुड़ाव को और अधिक मजबूत करेगा।




