राजस्‍थान

युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण में दिखा एसडीआरएफ का दम, एनसीसी कैडेट्स ने सीखे आपदा प्रबंधन के गुर

जयपुर, 15 जून । महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) द्वारा संचालित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार को एनसीसी कॉम्पलेक्स, जेएलएन मार्ग, गांधी नगर में एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम, लाइव रेस्क्यू डेमो एवं आधुनिक आपदा राहत उपकरणों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों के प्रति प्रशिक्षित और जागरूक बनाना था।

कार्यक्रम में 1 राजस्थान आर्म्ड स्क्वाड्रन एनसीसी के 57 स्वयंसेवकों (06 महिला एवं 51 पुरुष) ने भाग लिया, जो वर्तमान में एसडीआरएफ के माध्यम से सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस आरएसी एवं एसडीआरएफ श्री रूपिन्दर सिंघ ने आपदा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आपदा के समय प्रशिक्षित युवा समाज के लिए प्रथम प्रतिक्रिया दल की भूमिका निभा सकते हैं। वहीं डिप्टी डायरेक्टर जनरल एनसीसी एयर कॉमोडोर श्री सम्पत कुमार आनन्द ने आपदा के दौरान एनसीसी कैडेट्स की महत्वपूर्ण भूमिका और उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम की शुरुआत महानिरीक्षक पुलिस आरएसी एवं एसडीआरएफ श्रीमती परम ज्योति के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के माध्यम से अर्जित कौशल का उपयोग समाज की सुरक्षा और सेवा में करें।

रोप रेस्क्यू डेमो ने खींचा सबका ध्यान—

एसडीआरएफ की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम ने परिसर में रोप रेस्क्यू डेमो प्रस्तुत कर ऊंचाई पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को राहत पहुंचाने तथा विभिन्न आपदाओं में बचाव कार्यों की लाइव ड्रिल का प्रदर्शन किया। जवानों की दक्षता और समन्वय ने उपस्थित कैडेट्स एवं अधिकारियों को प्रभावित किया।

हार्ट अटैक, बाढ़ और आग जैसी आपदाओं से निपटने का प्रशिक्षण

जनजागरूकता कार्यक्रम में अचानक होने वाली घटनाओं जैसे हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना, बाढ़, गैस सिलेंडर में आग लगना आदि परिस्थितियों में प्रारंभिक सहायता एवं बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए गए। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि रेस्क्यू टीमों के मौके पर पहुंचने से पहले आम नागरिक किस प्रकार घायलों और प्रभावित लोगों की मदद कर सकते हैं।

आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

एसडीआरएफ द्वारा उपयोग किए जाने वाले आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां कैडेट्स को उपकरणों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और आपदा प्रबंधन में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कमांडेंट एसडीआरएफ श्री राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने एसडीआरएफ की संरचना, कार्यप्रणाली और राज्य में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में ग्रुप कमांडर कर्नल सुरेश सिंधु (सेना मेडल), कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल परमिंदर कौर, एनसीसी के अधिकारी एवं जवान, वार्षिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 326 कैडेट्स तथा जयपुर ग्रुप कैंप की छह इकाइयों से आए 82 अधिकारी एवं जवान भी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button