राजस्‍थान

गाय के गोबर को आजीविका से जोड़ें तो नए समृद्ध भारत का होगा निर्माण – पशुपालन मंत्री —बाबा रामदेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए श्री जोराराम कुमावत

जयपुर, 09 नवंबर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री व बाड़मेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने अपने बाड़मेर प्रवास के दौरान रविवार को आदर्श डूंडा में बाबा रामदेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं जीवित भंडारा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने श्री श्री 1008 खुशाल गिरी जी महाराज व अन्य संतों से आशीर्वाद लिया। साथ ही मंत्री श्री कुमावत के कार्यक्रम में पहुंचने पर पोकरण विधायक श्री प्रतापपुरी जी महाराज सहित आयोजकों ने उनका सम्मान किया।

 

इस दौरान पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने गऊ माता का व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में बड़ा योगदान है। जब व्यक्ति गऊ को पवित्र व शुभ मानकर उसकी सेवा करता है तब वह व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक और आध्यात्मिक विकास करती है। पर्यावरण शुद्धि में भी गाय का योगदान है। आयुर्वेद में गोमूत्र और गोमूत्र से बनी दवाएं मधुमेह, कैंसर, एड्स, एक्जिमा आदि त्वचा रोग में फायदेमंद मानी जाती है। खेती के लिए गाय के गोबर अच्छा होता है। गोबर और गोमूत्र जैविक खाद मिट्टी के पोषण के लिए कीटनाशक के रूप में कार्य करता है। गांवों में घरों की दीवारों और फर्श पर गोबर लेपन से जीवाणुओं का नाश होता है।श्री कुमावत ने कहा प्राचीन काल से ही, हिंदू गाय की पूजा और संरक्षण करते रहे हैं, यह मानते हुए कि यह पशु 33 करोड़ देवताओं का प्रतीक है।

 

पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि गाय को रोजगार से भी जोड़ना चाहिए। गोबर प्लांट लगाकर उसकी गैस का घरों में प्रयोग किया जाए। हमने यदि गाय के गोबर को आजीविका से जोड़ दिया तो नए समृद्ध भारत का निर्माण होगा। श्री कुमावत ने कहा कि निराश्रित गाय को गोशाला में रखकर केंद्र व राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता देकर उसका पालन पोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूधारू गाय को सड़कों पर छोड़ने की आदत बदलनी होगी। उन्होंने पशुपालकों से आह्वान कि वे गाय को घर में रखकर ही पालें, ताकि बेसहारा पशुओं की वजह से होने वाले हादसों को रोका जा सके।

 

इस मौके पर चौहटन विधायक श्री आदूराम मेघवाल, समाजसेवी श्री अनंतराम बिश्नोई, श्री दिलीप पालीवाल, श्री देवीलाल प्रजापत, श्री दीपक कड़वासरा आदि मौजूद रहे।

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