वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ऊर्जा मंत्री ने किया जन संवाद, वैज्ञानिक पद्धति से वाटर रिचार्जिंग पर दिया जोर

जयपुर, 31 मई। ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के अंतर्गत रविवार को विभिन्न विभागों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर से जल एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने कोटा जिले के कनवास क्षेत्र में दौरा कर अभियान की समीक्षा कर इसे सही अर्थों में सार्थक बनाने का आह्वान किया।
ऊर्जा मंत्री ने कोटा जिले के कनवास क्षेत्र में अभियान के तहत विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर चल रहे स्वच्छता अभियान की प्रगति और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने बालूहेड़ा, झालरी, हिंगोनिया, कनवास, सावनभादो, जालिमपुरा और मोरूकलां गांवों का धरातल पर निरीक्षण किया और जन संवाद एवं चौपाल के अंतर्गत स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। ऊर्जा मंत्री ने स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि धरातल पर इस अभियान के वास्तविक और जमीनी बदलाव लाने के लिए वे निरंतर प्रयास करें । ग्रामीण विकास और स्वच्छता के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि बेहतर काम करने वाले ग्राम सेवकों को सरकार की ओर से पारितोषिक दिया जाएगा। जबकि अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्री हीरालाल नागर ने जल संकट से निपटने के लिए जल संचयन की तकनीकों को बढ़ावा देने और ठोस व तरल कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने भूजल स्तर को सुधारने के लिए गांवों में वैज्ञानिक पद्धति से सोखता गड्ढों के निर्माण पर जोर दिया, ताकि व्यर्थ बहने वाले पानी से वाटर रिचार्जिंग प्रभावी ढंग से हो सके। जल स्रोतों के पुनरुद्धार व संरक्षण को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने पारंपरिक कुओं व बावड़ियों के जीर्णाेद्धार पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से अपील की कि वे हर गांव में जाएं और जन भागीदारी के साथ जल स्रोतों पर श्रमदान करें। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।
श्री नागर ने ऊर्जा विभाग द्वारा सांगोद की झालरी पंचायत में जलग्रहण विभाग के विकसित चरागाह में पोधारोपण भी किया।
ग्राम पंचायत कनवास में प्राचीन बावडी बालापुरा हनुमान मन्दिर पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आमजन ने श्रमदान कर बावड़ी का स्वरूप निखारा।
जिले में विभिन्न ग्राम पंचायतों में तालाब, सरोवर, बावड़ी इत्यादि पर श्रमदान, स्वच्छता, पॉलिथीन के प्रति जागरूकता सहित अन्य गतिविधियां आयोजित की गईं।




