गंभीर तीव्र कुपोषित एवं मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों की तत्काल भर्ती सुनिश्चित करें शत प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी अनिवार्य” – कलेक्टर डॉ. मिश्रा

राजगढ़
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनआरसी संचालन, बेड ऑक्यूपेंसी, गंभीर तीव्र कुपोषित एवं मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों की भर्ती तथा माताओं को देय मजदूरी प्रतिपूर्ति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने अस्पतालों में शत प्रतिशत से कम बेड ऑक्यूपेंसी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कम बेड ऑक्यूपेंसी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा कारणों की बिंदुवार जांच कर सुधारात्मक कार्यवाही की जाए।
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने स्वयं सुपरवाइजर से प्रश्न किया कि गंभीर तीव्र कुपोषित एवं मध्यम तीव्र कुपोषित श्रेणी के चिन्हित बच्चों को तत्काल एनआरसी में भर्ती क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी बच्चों की तुरंत भर्ती सुनिश्चित की जाए। एनआरसी में भर्ती माताओं को दिए जाने वाले मजदूरी क्षतिपूर्ति भुगतान की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने पूछा कि भुगतान समय पर क्यों नहीं हो रहा है और इसे प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नरसिंहगढ़ एनआरसी के खराब प्रदर्शन पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए।
जिला चिकित्सालय में पदस्थ श्रीमती मंजू सिसोदिया एवं श्रीमती रचना मेवाड़े द्वारा एनआरसी में भर्ती बच्चों का नियमित फॉलोअप नहीं किए जाने पर उनके विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खुजनेर, ब्यावरा एवं राजगढ़ के सीडीपीओ को खराब प्रदर्शन पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सबसे कम प्रदर्शन करने वाली सुपरवाइजर की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी शत – प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करें। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग श्री श्याम बाबू खरे सहित समस्त एनआरसी सीडीपीओ सुपरवाईजर उपस्थित रहे।
