Community Health Centre Dhanpuri में ‘कायाकल्प’ का अंतिम मूल्यांकन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखी गई

धनपुरी ( शहडोल )मोहम्मद असलम (बाबा )स्वास्थ्य सेवाओं में स्वच्छता, सुव्यवस्था और पारदर्शिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपुरी में ‘कायाकल्प’ कार्यक्रम के अंतर्गत अंतिम मूल्यांकन संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला अस्पताल उमरिया से राज्य स्तरीय असेसर डॉ. संदीप सिंह एवं श्रीमती अनुराधा पटेल की टीम ने केंद्र का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सूक्ष्म परीक्षण किया।
मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान टीम ने अस्पताल के प्रत्येक विभाग का गहन अवलोकन किया। प्रसव कक्ष, डायलिसिस कक्ष, आयुष्मान भारत प्रकोष्ठ, ऑपरेशन थिएटर, आपातकालीन सेवाएं, ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, जल आपूर्ति की टंकियां, बायो-मेडिकल वेस्ट रूम तथा संक्रमण नियंत्रण (इन्फेक्शन कंट्रोल) संबंधी व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही अभिलेखों एवं रजिस्टरों के संधारण की गुणवत्ता की भी जांच की गई, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता और सेवा मानकों का समुचित आकलन किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान असेसर टीम ने अस्पताल में उपचाररत मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों से स्वच्छता, व्यवहार, दवा उपलब्धता तथा चिकित्सकीय सेवाओं की समयबद्धता पर प्रतिक्रिया प्राप्त की गई। इस संवादात्मक प्रक्रिया ने यह सुनिश्चित किया कि मूल्यांकन केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक सेवा गुणवत्ता भी परखी जाए।
अस्पताल परिसर में स्वच्छता और सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्थाओं—जैसे हाथ स्वच्छता, उपकरणों की स्टरलाइजेशन प्रक्रिया और बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन—को ‘कायाकल्प’ के मापदंडों के अनुरूप जांचा गया। टीम ने पर्यावरणीय संतुलन के प्रतीक स्वरूप परिसर में वृक्षारोपण भी किया, जिससे स्वच्छ और हरित वातावरण के प्रति स्वास्थ्य संस्थान की प्रतिबद्धता परिलक्षित हुई।
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन कारखुर के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में समूचा चिकित्सा दल सक्रिय रूप से उपस्थित रहा। चिकित्सक दल में डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. अग्रेशी परिहार एवं डॉ. रोशन प्रजापति ने निरीक्षण के दौरान आवश्यक जानकारी और अभिलेख प्रस्तुत किए। नर्सिंग ऑफिसर मंजुला, नैंसी, हुशना, शारदा, पूर्णिमा एवं प्रीति ने नर्सिंग सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं का विवरण साझा किया। प्रयोगशाला तकनीशियन कामता प्रसाद, सराय एवं सौरभ ने पैथोलॉजी सेवाओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया।
फार्मासिस्ट परवर्मा, ड्रेसर शर्मा तथा एएनएम अगीता और संगीता ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र की जानकारी देते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली का परिचय कराया। इसके अतिरिक्त वार्ड बॉय एवं समस्त सफाई कर्मचारियों का सहयोग उल्लेखनीय रहा, जिनकी सतत सेवाओं से अस्पताल की स्वच्छता और सुव्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है।
‘कायाकल्प’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्वच्छ परिसर तैयार करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता, अनुशासन और मानवीय संवेदनशीलता का समावेश सुनिश्चित करना है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपुरी में हुए इस अंतिम मूल्यांकन ने यह स्पष्ट किया कि चिकित्सा सेवाओं को जन-अपेक्षाओं के अनुरूप सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
अब मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर राज्य स्तर पर अंक निर्धारण होगा, जिसके पश्चात संस्थान की उपलब्धियों का औपचारिक आकलन किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य कर्मियों को आशा है कि यह प्रयास धनपुरी के स्वास्थ्य केंद्र को उत्कृष्टता की नई पहचान दिलाएगा और क्षेत्र की जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं निरंतर प्राप्त होती रहेंगी।


