मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने ली बाढ़ नियंत्रण समिति की बैठक संवेदनशील पुल-पुलियों पर 24×7 निगरानी डूब क्षेत्रों में जागरूकता बैठकों के निर्देश पेयजल, स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त – कलेक्टर डॉ. मिश्रा

राजगढ़ आगामी वर्षाकाल एवं संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले, अपर कलेक्टर श्री प्रताप सिंह चौहान, संयुक्त कलेक्टर श्री वीरेंद्र सिंह दांगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि जिले के ऐसे सभी पुल, पुलिया एवं रपटे जहां वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है, वहां पूर्व से ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पुल- पुलियों पर आवश्यकतानुसार ड्यूटी लगाने एवं इसके संबंध में टीएल बैठक में आदेश प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक श्री तोलानी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील पुल-पुलियों एवं जलभराव वाले स्थलों पर 24×7 ड्यूटी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों को ऐसे क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए जहां वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है तथा स्कूल बस संचालकों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी जाए कि किसी भी परिस्थिति में जोखिम लेकर जलमग्न मार्गों या पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें।
पुलिस अधीक्षक श्री तोलानी ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी निर्देशित किया कि बस एसोसिएशन, यात्री वाहन संचालकों एवं परिवहन से जुड़े संगठनों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि वर्षाकाल में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिले में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा इसकी कहीं भी कमी न हो। इसके साथ ही आवश्यक टीकाकरण एवं सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में जीवनरक्षक एवं सामान्य दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।बैठक में बाढ़ प्रभावित एवं संभावित डूब क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि ऐसे सभी गांवों में एसडीएम बैठक आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षा संबंधी उपायों तथा आगामी वर्षा की संभावित परिस्थितियों के बारे में जागरूक करें। नगरीय क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारियों द्वारा निभाई जाएगी।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से नालों की सफाई की जानकारी ली तथा पेयजल एवं सीवेज लाइन के मिश्रण संबंधी शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल गुणवत्ता से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों से इस संबंध में प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।
नगरीय प्रशासन विभाग को निर्देशित किया गया कि निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित की जाएं। जिला सेनानी को जिले में उपलब्ध गोताखोरों के नाम एवं मोबाइल नंबरों की सूची तैयार कर सभी थाना प्रभारियों के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी एसडीएम को पुलिस एवं जिला सेनानी के अधीनस्थ अमले के साथ समन्वित संचार योजना साझा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए तथा सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।



