गणेश उत्सव में व्यवस्था बिगड़ी तो एक फोन पर होगी कार्रवाई, पुलिस प्रशासन

राजगढ़। गणेश उत्सव के दौरान शहर में निकलने वाली झांकियों, जुलूस और आयोजन को लेकर पुलिस ने व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की पहल की है। राजगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखोनिया ने ऐसी व्यवस्था तैयार कराई है, जिससे गणेश उत्सव के दौरान किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी तक तुरंत सूचना पहुंचाई जा सके।
थाने में लगाए गए सूचना-पत्र में पुलिस, अग्निशमन, बिजली विभाग और नगर पालिका से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मोबाइल नंबर एक जगह उपलब्ध कराए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि झांकी या जुलूस के दौरान बिजली की समस्या, आगजनी, कानून-व्यवस्था, सफाई या अन्य किसी आपात स्थिति में लोगों और पुलिसकर्मियों को संबंधित विभाग का नंबर तलाशने में समय न गंवाना पड़े।
सूचना-पत्र में पुलिस थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर, पुलिस कंट्रोल रूम, एफआरवी-1 और एफआरवी-2 के नंबर दिए गए हैं। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
बिजली व्यवस्था के लिए एमपीईबी के कनिष्ठ अभियंता और अलग-अलग समय की ड्यूटी में तैनात लाइनमैनों के मोबाइल नंबर दर्ज किए गए हैं। वहीं नगर पालिका राजगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी और सफाई दरोगा का संपर्क नंबर भी इसमें शामिल किया गया है।
झांकी समितियों के लिए भी उपयोगी व्यवस्था
गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकियां देखने पहुंचते हैं। कई स्थानों पर भीड़, बिजली की लाइन, यातायात, सफाई या अचानक उत्पन्न होने वाली किसी परेशानी के कारण तत्काल कार्रवाई की जरूरत पड़ सकती है।
ऐसे में राजगढ़ थाना पुलिस की यह पहल ‘एक जगह नंबर, जरूरत पर तुरंत संपर्क’ की व्यवस्था के रूप में देखी जा रही है। खास बात यह है कि इसमें केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि फायर ब्रिगेड, बिजली और नगर पालिका जैसे जरूरी विभागों को भी जोड़ा गया है।
इस पहल से झांकी समितियों और आम लोगों को भी सुविधा मिलेगी। किसी आपात स्थिति में इधर-उधर फोन करने के बजाय सीधे संबंधित विभाग के जिम्मेदार व्यक्ति से संपर्क किया जा सकेगा।
गणेश उत्सव आस्था का पर्व है, लेकिन बड़ी झांकियों और भीड़ के बीच सुरक्षा और व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। राजगढ़ थाना प्रभारी की यह पहल इसी सोच के साथ उठाया गया व्यावहारिक कदम नजर आती है—समस्या आने का इंतजार नहीं, बल्कि समस्या आने से पहले ही समाधान का रास्ता तैयार रखना।



