RAJGARH

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत  राज्य शिक्षा केंद्र संचालक का राजगढ़ जिले का भ्रमण

राजगढ़ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक द्वारा राजगढ़ जिले का भ्रमण कर विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावास, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था तथा विद्यार्थी हित से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मैदानी स्तर पर निरीक्षण एवं समीक्षा की गई। भ्रमण के दौरान सांदीपनी विद्यालय नरसिंहगढ़, प्राथमिक विद्यालय बांडी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास तथा डाइट राजगढ़ का निरीक्षण किया गया। संचालक ने संस्थाओं में उपलब्ध शैक्षणिक एवं भौतिक संसाधनों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण-अधिगम व्यवस्था, छात्रावास की व्यवस्थाओं तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

 

*विद्यार्थियों के साथ किया मध्यान्ह भोजन*

 

भ्रमण के दौरान संचालक ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सहज एवं आत्मीय संवाद करते हुए भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, मात्रा, स्वच्छता तथा भोजन वितरण की व्यवस्था के संबंध में विद्यार्थियों से सीधे जानकारी ली। विद्यार्थियों से यह भी जाना गया कि उन्हें नियमित रूप से निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है अथवा नहीं तथा भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था से वे संतुष्ट हैं या नहीं। संचालक महोदय द्वारा भोजन की स्वच्छता, रसोई परिसर, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया तथा विद्यार्थियों को भोजन परोसने की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया।

 

विद्यार्थियों के साथ भोजन करने का उद्देश्य केवल मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं और अनुभवों को समझना भी रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी सहज वातावरण में अपनी बात रखी। संचालक महोदय ने विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन ग्रहण करने, नियमित विद्यालय आने तथा मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया गया कि विद्यार्थियों को निर्धारित मापदंड एवं मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ, पौष्टिक एवं गरम भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।

 

*योजनाओं एवं शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा*

 

भ्रमण के दौरान जिले में संचालित विभिन्न विद्यार्थी-केंद्रित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। इसमें विशेष रूप से पाठ्यपुस्तक वितरण, अपार आईडी निर्माण, साइकिल वितरण, विद्यार्थी नामांकन एवं ड्रॉपआउट की स्थिति की समीक्षा की गई। संचालक द्वारा निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से प्राप्त हो। पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने, शेष विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार कराने तथा पात्र विद्यार्थियों को साइकिल वितरण की कार्यवाही समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नामांकन एवं ड्रॉपआउट की समीक्षा के दौरान विद्यालयवार स्थिति पर ध्यान देते हुए ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया जो किसी कारण से विद्यालय आना छोड़ चुके हैं। संबंधित विद्यालयों द्वारा ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को विद्यालय से जोड़े रखने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

 

*छात्रावास एवं प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण*

 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के आवास, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा, अध्ययन व्यवस्था एवं उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया। विद्यार्थियों से उनकी दिनचर्या एवं छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में संवाद कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। इसी प्रकार डाइट राजगढ़ में प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों तथा प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

*विद्यार्थी हित सर्वोच्च प्राथमिकता*

 

संचालक द्वारा कहा गया कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का मूल उद्देश्य शासन की व्यवस्थाओं एवं योजनाओं को आमजन एवं विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। इसलिए शिक्षा विभाग की प्रत्येक गतिविधि का केंद्र विद्यार्थी, उसकी शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास होना चाहिए। उन्होंने मैदानी अधिकारियों एवं संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण विकसित किया जाए।

 

राज्य शिक्षा केंद्र संचालक का यह भ्रमण मैदानी निरीक्षण, विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद, उनके साथ मध्यान्ह भोजन तथा योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। इससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में सकारात्मक संदेश गया।

Related Articles

Back to top button