राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बोले- आंगनवाड़ी केवल केंद्र नहीं, स्वस्थ और संस्कारित समाज की नींव तैयार करने का माध्यम

राजगढ़ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत मंगलवार को सारंगपुर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल ने सहभागिता की। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता – सहायिका बहनों, हितग्राही महिलाओं, गर्भवती माताओं और नन्हे-मुन्ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों तथा हितग्राही महिलाओं का सम्मान किया गया। साथ ही बच्चों, हितग्राही बहनों एवं गर्भवती माताओं को फल, मिठाई और पोषण किट वितरित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि ‘आंगन मिलन सेवा’ सेवा संकल्प अभियान की उस भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा, सम्मान और जनकल्याण की भावना पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण या औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि मातृशक्ति के सम्मान के साथ गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण, बच्चों के समुचित विकास और परिवारों में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन मिलता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहनें घर-घर तक पहुंचकर शासन की योजनाओं और पोषण संबंधी संदेशों को परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से इन बहनों का सम्मान करना उनके योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता भी है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि स्वस्थ बचपन ही मजबूत भविष्य की आधारशिला है। यदि बच्चे को प्रारंभिक अवस्था में उचित पोषण, स्वास्थ्य और संस्कार मिलते हैं तो वह आगे चलकर स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनता है। इसी प्रकार गर्भवती माताओं का स्वास्थ्य पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य से जुड़ा है। इसलिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सेवा और जनकल्याण को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखते हुए समाज की सहभागिता से जनसेवा की भावना को मजबूत किया जा रहा है। ‘आंगन मिलन सेवा’ इसी सेवा भावना का एक आत्मीय स्वरूप है, जहां जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और हितग्राही एक साथ मिलकर मातृशक्ति एवं बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संवाद करते हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हर बच्चे को उचित पोषण मिले, हर गर्भवती माता स्वस्थ रहे और प्रत्येक पात्र परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ तभी है जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति समाज को जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों को फल एवं मिठाई वितरित की गई। गर्भवती माताओं एवं हितग्राही बहनों को पोषण किट प्रदान कर उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की मंगलकामनाएं की गईं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों ने भी कार्यक्रम के माध्यम से मिलने वाले सम्मान और आत्मीयता के लिए आभार व्यक्त किया। सेवा केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव है। मातृशक्ति का सम्मान, बच्चों का पोषण और स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से सेवा, सम्मान और संस्कार को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।




