राजस्‍थान

मुख्य सचिव ने की परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की प्रगति समीक्षा

जयपुर, 29 सितंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग तथा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, सुगम एवं आधुनिक परिवहन सेवाएं के विस्तार के लिए प्रगतिरत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतर-विभागीय मुद्दों, विशेषकर भूमि आवंटन एवं बजट पुनर्भरण आदि का त्वरित समाधान करने तथा मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं एवं निर्देशों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अध्यक्ष, (RSRTC) राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम एवं प्रमुख शासन सचिव परिवहन श्री भवानी सिंह देथा ने विभागीय उपलब्धियों, बजट घोषणाओं की प्रगति, राजस्व अर्जन तथा विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी।

राजस्व अर्जन में 13.82 प्रतिशत की वृद्धि—

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 27 सितंबर 2026 तक परिवहन विभाग द्वारा 3,594.73 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। यह गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 436.45 करोड़ रुपये अधिक है तथा राजस्व में 13.82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

57 सेवाएं ऑनलाइन, ई-गवर्नेंस से नागरिकों को राहत—

विभाग द्वारा आमजन को आरटीओ एवं डीटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देने के लिए 57 सेवाओं को वाहन एवं सारथी पोर्टल के माध्यम से पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। इसके साथ ही हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन की स्वचालित प्रक्रिया लागू की गई है। खान विभाग के ई-रवन्ना पोर्टल को आईटीएमएस से इंटीग्रेट कर ओवरलोड वाहनों के स्वतः चालान की व्यवस्था भी लागू की गई है।

ई-डिटेक्शन से करीब 18 लाख चालान—

सड़क सुरक्षा एवं पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से बिना वैध दस्तावेजों, जैसे टैक्स, फिटनेस, बीमा एवं पीयूसीसी आदि के संचालित वाहनों के विरुद्ध अब तक लगभग 18 लाख चालान जारी किए गए हैं, जिनकी राशि करीब 1,188 करोड़ रुपये है।

एटीएस के मामले में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर—

प्रदेश में वर्तमान में 55 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) संचालित हैं। एटीएस की संख्या के मामले में राजस्थान देश में गुजरात के बाद दूसरे स्थान पर है। ऑटोमेटेड व्यवस्था से वाहनों की फिटनेस जांच में पारदर्शिता एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिल रहा है।

राजस्थान व्हीकल स्क्रैपिंग नीति-2025 से पुराने वाहनों को चरणबद्ध हटाने पर जोर—

पुराने वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाने तथा प्रदूषण रहित वाहनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजस्थान व्हीकल स्क्रैपिंग नीति-2025 अधिसूचित की गई है। इसके तहत स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट के आधार पर नया वाहन खरीदने पर 16 से 26 प्रतिशत तक, अधिकतम एक लाख रुपये की टैक्स छूट का प्रावधान किया गया है।

रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी नई बसें—

राजस्थान रोडवेज के बेड़े को सुदृढ़ करने के लिए एसी एवं ब्लू लाइन बसों तथा इलेक्ट्रिक बसों सहित लगभग 900 नई बसों को शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वहीं, अजमेर, भरतपुर, दूदू, कोटा, उदयपुर,अलवर सहित प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों एवं कस्बों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंडो का निर्माण तथा जीर्णोद्धार के कार्य प्रगतिरत हैं।

35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक होंगे ऑटोमेटेड—

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक को ऑटोमेटेड किया जा रहा है। इनमें से 23 स्थानों पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक कार्यशील हो चुके हैं। इससे ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।

सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में तेजी—

राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विभाग द्वारा शिकायतों के निस्तारण का औसत समय 23 दिन से घटकर 13 दिन रह गया है। वहीं विभाग की ग्रीवेंस रिड्रेसल परफॉर्मेंस (GRPF) रैंकिंग मई 2026 की 18वीं रैंक से सुधरकर अगस्त 2026 में 6वीं रैंक पर पहुंच गई है।

बैठक में परिवहन विभाग आयुक्त श्री पुरुषोत्तम शर्मा सहित परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग तथा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button