जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0 बना जनभागीदारी से जल संरक्षण का सशक्त माध्यम* खिलचीपुर विकासखंड की 95 ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर हुए जल संवर्धन एवं संरक्षण के कार्य

राजगढ़
जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0 के अंतर्गत विकासखंड खिलचीपुर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले के मार्गदर्शन में विकासखंड की समस्त 95 ग्राम पंचायतों में जनसहभागिता के साथ विभिन्न गतिविधियों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। अभियान के तहत वर्षा जल के संरक्षण एवं भू-जल स्तर में वृद्धि के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में निजी आवासों एवं शासकीय परिसरों के समीप लगभग 7,500 सोकपिट एवं मैजिक पिट निर्मित किए गए हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का प्रभावी पुनर्भरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण को स्थायी आधार मिल रहा है।
इसी प्रकार क्षेत्र की 7 प्राचीन बावड़ियों को चिन्हित कर उनका जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य कराया गया है। इन ऐतिहासिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन से न केवल जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक धरोहरों को भी संरक्षित किया गया है। पर्वतीय एवं ढलान वाले क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 21 हजार कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं से वर्षा जल का बहाव नियंत्रित होने के साथ-साथ भू-जल पुनर्भरण एवं मिट्टी संरक्षण में भी महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अभियान के दौरान 1,500 पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए 220 शासकीय भवनों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण भी कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0 के अंतर्गत किए जा रहे ये कार्य जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहे हैं। अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ जल संसाधनों के संरक्षण हेतु जनसहभागिता को भी नई मजबूती मिल रही है।


