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गयाजी का ऐतिहासिक रेलवे काउंटर आज भी यात्रियों के लिए सहारा

गयाजी (SHABD) :मोक्ष नगरी गया जी में पितृपक्ष और वर्षभर होने वाले पिंडदान के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। विष्णुपद मंदिर में दर्शन और पिंडदान के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन और रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की जाती हैं। इन्हीं व्यवस्थाओं के बीच पुराने शहर के नई सड़क इलाके में स्थित ऐतिहासिक अतिरिक्त रेलवे काउंटर आज भी श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।

ब्रिटिश काल में स्थापित यह रेलवे काउंटर वर्षों से गया जी आने वाले यात्रियों को सुविधा प्रदान कर रहा है। अंग्रेजों के समय में इसका निर्माण इस उद्देश्य से कराया गया था कि यात्रियों को मुख्य रेलवे स्टेशन तक जाने की परेशानी न उठानी पड़े और वे शहर के बीचों-बीच ही आसानी से टिकट प्राप्त कर सकें। समय के साथ यह काउंटर “जन सुविधा केंद्र” के रूप में अपनी विशेष पहचान बना चुका है।

पिंडदान के मौसम में इस काउंटर पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां कार्यरत कर्मचारियों के अनुसार उनकी प्राथमिकता यह रहती है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को शीघ्र टिकट उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनकी यात्रा सहज एवं सुरक्षित बनी रहे।

स्थानीय लोगों और यात्रियों का मानना है कि मुख्य रेलवे स्टेशन पर लगने वाली लंबी कतारों से बचने में यह काउंटर काफी मददगार साबित होता है। शहर के बीच स्थित होने के कारण यात्रियों का समय और खर्च दोनों बचता है। लोगों का कहना है कि अंग्रेजों के जमाने में शुरू की गई यह व्यवस्था आज भी उतनी ही उपयोगी और प्रभावी है।

विशेषज्ञों की दृष्टि से भी यह काउंटर बेहतर लॉजिस्टिक्स और भीड़ प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। मुख्य स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए शहर के भीतर इस प्रकार की सुविधा यात्रियों को काफी राहत देती है। वहीं प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी लोगों को उनके निकट मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी मानी जाती है।

हालांकि, स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि समय के साथ इस ऐतिहासिक काउंटर की महत्ता तो बनी रही, लेकिन सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां बेहतर बैठने की व्यवस्था, डिजिटल टिकटिंग, पेयजल, शौचालय और सूचना प्रणाली जैसी सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। लोगों ने सरकार और रेलवे प्रशासन से इस दिशा में विशेष ध्यान देने की मांग की है।

स्पष्ट है कि समय बदला, तकनीक बदली और व्यवस्थाएं आधुनिक हुईं, लेकिन नई सड़क स्थित यह ऐतिहासिक रेलवे काउंटर आज भी गया जी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यह केवल टिकट लेने का स्थान नहीं, बल्कि तीर्थयात्रियों की यात्रा को सरल और सुगम बनाने वाली एक ऐतिहासिक जनसेवा व्यवस्था का जीवंत उदाहरण है।

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