ज्ञान भारतम् अभियान को मिलेगी गति, प्राचीन पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण

राजगढ़ जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जिला प्रशासन द्वारा “ज्ञान भारतम् अभियान” को गति प्रदान की जा रही है। इस संबंध में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, भोजपत्रों एवं ताम्रपत्रों का डिजिटलीकरण कर उन्हें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा विकसित “ज्ञान भारत” ऐप पर अपलोड किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि संस्कृति मंत्रालय की यह महत्वाकांक्षी पहल देशभर में बिखरी अमूल्य ज्ञान-संपदा को एकीकृत डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पोर्टल पर अपलोड होने के पश्चात दुर्लभ पांडुलिपियां वैश्विक स्तर पर शोधकर्ताओं एवं जिज्ञासुओं के लिए सुलभ हो सकेंगी। साथ ही, सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित कर भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सकेगा।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने जिले के नागरिकों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से अपील की है कि यदि उनके पास किसी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपि, भोजपत्र या ताम्रपत्र उपलब्ध हो, तो वे इस राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करें।इच्छुक व्यक्ति अपनी निजी धरोहर का डिजिटलीकरण कराकर उसे “ज्ञान भारत” ऐप पर प्रदर्शित कर सकते हैं।डिजिटलीकरण एवं अपलोड प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन हेतु जिला प्रशासन द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इच्छुक व्यक्ति जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक श्री अभिषेक रघुवंशी कलेक्टर कार्यालय कक्ष क्रमांक 119 मेल degmrajgarh@g mail.com पर संपर्क कर सकते हैं।



