RAJGARH

कांग्रेस-डीएमकेटीएमसी समाजवादी पार्टीगठबंधन ने महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ कर विधेयक रोका-: विधायक उषा ठाकुर

 

राजगढ़। हाल ही में लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ, वह केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर विषय है। महिला विरोधी गठबंधन (Anti Women Alliance) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक को रोककर अपनी वास्तविक मानसिकता उजागर कर दी है। एंटी वूमन एलाएंस की सच्चाई देश के सामने आ चुकी है। कांग्रेस, डीएमके और उनके सहयोगियों के इस महिला विरोधी गठबंधन ने न केवल एक विधेयक को रोका, बल्कि करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। और विडंबना देखिए-इस पर विपक्ष जश्न मनाता रहा।

यह बात शुक्रवार को भाजपा जिला कार्यालय राजगढ़ में महिला आरक्षण एवं नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक उषा ठाकुर ने कही। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर उपस्थित थे। इस दौरान जिला महामंत्री देवी सिंह सोंधिया, जिला कोषाध्यक्ष शैलेश गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी आनंद त्रिपाठी जिला सह मीडिया प्रभारी जगदीश दास श्रीमती नीलम सक्सेना, कार्यालय मंत्री श्याम मंडलोई राजगढ़ मंडल अध्यक्ष सचिन मौर्य सहित बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक उषा ठाकुर ने कहां की कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और पूरे इंडि गठबंधन ने एक ऐतिहासिक अवसर को बाधित किया।महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम था, जिसे राजनीतिक स्वार्थों के कारण रोक दिया गया। कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने का रहा है।

उन्होंने कहा कि तीन तलाक, अनुच्छेद 370 से प्रभावित कश्मीरी महिलाओं के अधिकार का विरोध किया। कांग्रेस ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों पर 98 वर्षों का अहसान जताया, लेकिन संसद में उनकी आकांक्षाओं को कुचलते हुए इठलाई, मुस्कुराई, मेज थपथपाई और जश्न मनाया।

कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने 33 प्रतिशत आरक्षण मांग रही महिलाओं को वंचित रखने पर उत्सव मनाया।यह हर उस महिला का अपमान है, जो वर्षों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। जिस देश में नारी को दुर्गा, काली, सरस्वती और लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, वहां ऐसी सोच अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

 

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