बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार को लेकर कलेक्टर डॉ. मिश्रा की सख्ती*

राजगढ़ बोर्ड परीक्षा सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में शिक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। बैठक में कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों पर विशेष फोकस रखते हुए संबंधित प्राचार्यों एवं विषय शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन विद्यालयों का कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम रहा है, वहां के प्रभारियों से कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया है।संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने की स्थिति में वेतन वृद्धि रोकने तथा निलंबन जैसी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
बैठक में शासकीय हाईस्कूल सरलई, सेमलापार, श्यामजीघाटा, राजगढ़ रोड ब्यावरा, कुलीखेड़ा, कूपा सहित अन्य विद्यालयों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की गई। जहां परिणाम 21 प्रतिशत से 39 प्रतिशत के बीच पाया गया।इन विद्यालयों में संबंधित विषयों के शिक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगपुर तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाडलामाताजी सहित अन्य विद्यालयों में भी कम परीक्षा परिणाम को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्यों एवं विषय शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम है, उन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जिला प्रशिक्षण केंद्र (डाइट) में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा, ताकि शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। साथ ही ऐसे अतिथि शिक्षकों जिनका परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है, उनके विरुद्ध कार्यमुक्त/हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि जिन विद्यालयों में विषय शिक्षकों की कमी के कारण परिणाम प्रभावित हुआ है, वहां उत्कृष्ट शिक्षकों द्वारा विषय आधारित कक्षाओं की रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर त्वरित अमल सुनिश्चित करें, जिससे आगामी परीक्षाओं में जिले का प्रदर्शन बेहतर हो सके।


