जल गंगा संवर्धन अभियान” वैज्ञानिक तकनीक से भू-जल की खोज एवं संवर्धन कार्य

राजगढ़
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में वैज्ञानिक पद्धतियों द्वारा भू-जल संवर्धन एवं प्रबन्धन कार्य हेतु वैज्ञानिक तकनिकी नक्शों एवं आधुनिक मशीन से रैजिस्ट्रीविटी सर्वेक्षण कार्य करके नवीन पेयजल स्रोत की खोज एवं उनके स्थायित्व हेतु रिचार्ज पिट एवं रिचार्ज शाफ़्ट जल संरचना बनाने हेतु स्थल का चयन किया जा कर नलकूप स्रोतों से बंद योजनाओं को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है । इसमें शुक्रवार को विकासखंड नरसिंहगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम कड़ियांसांसी, कड़ियां चौरसिया, ताजपुरा, खेड़ा, पीलूखेड़ी, माना में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत भू-जल की खोज, भूजल संवर्धन एवं प्रबन्धन कार्य कराए गए।
जिसमें गंगा जल संवर्धन के अंतर्गत नवीन स्थल चयन सोर्स, जल का बचाव , पेयजल स्त्रोत के आस पास साफ सफाई, हस्तांतरण एकल नलजल योजना के पाइप लाइन के लीकेज, नलों के लीकेज, पुराने नलों के लीकेज को बदलना, एकल नलजल योजना में भूजल संवर्धन को रिचार्ज करना एवं स्थल चयन करना, ग्राम के वॉल ऑपरेटर को नलजल योजना के सम्बन्ध में प्रशिक्षित किया गया। पेयजल स्रोत, पेयजल के प्रति जागरूक हेतु जल संवर्धन हेतु शपथ दिलाई गई, ताकि दूषित पानी से हमें कोई बीमारी ना हो और नलों में टोंटियां लगाने के लिए समझाकर और फील्ड टेस्ट किट से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा वर्कर और स्कूल स्टाफ, पेयजल समिति के अध्यक्ष, सरपंच, सचिव पेयजल समिति के सदस्यों को एफटीके से प्रशिक्षित किया गया।
साथ ही हर घर जल प्रमाणीकरण भी किया गया। इन सभी गतिविधियों को करवाने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के भू-जल वैज्ञानिक डॉ. रामगोपाल नागर, सहायक यंत्री श्री मोहन तिलक ओर विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप सोलंकी सहित ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे। पेयजल संकट ग्रस्थ ग्रामों में वैज्ञानिक तकनिकी नक्शों एवं आधुनिक रैजिस्ट्रीविटी मशीन के आधार पर भू-जल की खोज एवं भू-जल संवर्धन संरचनाओं का स्थल चयन कार्य किया गया।
*समा क्रं./001/1506/03/2026 ……..00……. फोटो क्रं. 31 32*


