“जल संरक्षण ही भविष्य की सुरक्षा” : गंगा दशहरा पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने किया श्रमदान, नागरिकों को दिलाई जल एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ

राजगढ़ गंगा दशहरा के पावन अवसर पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग श्री नारायण सिंह पंवार ने ब्यावरा स्थित गुलाब शाह जी की अति प्राचीन बावड़ी एवं गंगा मंदिर के समीप अजनार नदी तट पर श्रमदान कर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने बावड़ी के निकट निर्मित पेयजल टंकी के पास लगभग 28 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सम्पबेल एवं पम्प हाउस निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।प्रदेशभर में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से समाज को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि गंगा दशहरा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और जल के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को स्मरण कराने का भी अवसर है।उन्होंने कहा कि यदि आज जल संरक्षण की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो भविष्य में जल संकट और अधिक विकराल रूप ले सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह जल के प्रत्येक स्रोत को बचाने और वर्षा जल को संरक्षित करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि “गांव का पानी गांव में और शहर का पानी शहर में” संरक्षित रखने का संकल्प ही जल संकट के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है।
साथ ही बताया कि ब्यावरा शहर पिछले लगभग 50 वर्षों से पर्याप्त पेयजल व्यवस्था को लेकर संघर्ष करता रहा है, लेकिन अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जिले के सबसे बड़े डैम मोहनपुरा से जुड़ी पेयजल परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ होने वाला है, जिससे ब्यावरा शहर को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।अपने संबोधन में उन्होंने जल और पर्यावरण के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी जल स्रोत भी सुरक्षित रह पाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील करते हुए कहा कि “मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अपने जीवन में कम से कम 100 पेड़ अवश्य लगाएं और उनका संरक्षण अपने बच्चों की तरह करें। पेड़ केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पर्याप्त वर्षा और सुरक्षित जल स्रोत भी प्रदान करते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने उपस्थित नागरिकों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा सभी से जल बचाने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, प्लास्टिक प्रदूषण कम करने और अधिक से अधिक पौधारोपण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री श्री बद्रीलाल यादव, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री पवन कुशवाह सहित अनुविभागीय (राजस्व) अधिकारी श्री गोविंद कुमार दुबे, एसडीओपी श्री प्रकाश शर्मा, जनपद सीईओ श्री आर.के. मंडल एवं जनप्रतिनिधि व नगरवासी उपस्थित रहे।