RAJGARH

खंडहर में बदल रहा राजगढ़ का रियासतकालीन चतुर्भुज नाथ मंदिर, पुजारियों ने प्रशासन से लगाई गुहार

राजगढ़ नगर के मुख्य बाजार स्थित प्राचीन चतुर्भुज नाथ मंदिर इन दिनों अपनी बदहाल और जर्जर स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। रियासत कालीन इस ऐतिहासिक मंदिर की हालत लगातार खस्ताहाल होती जा रही है और मंदिर धीरे-धीरे खंडहर का रूप लेता नजर आ रहा है। मंदिर में सेवा दे रहे पुजारी परिवार ने प्रशासन से मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग करते हुए मदद की गुहार लगाई है।
मंदिर से जुड़े पुजारी एवं नगर के खोयरी बैजनाथ महादेव मंदिर के पुजारी उमेश शर्मा तथा चतुर्भुज मंदिर के पुजारी अभिषेक शर्मा ने बताया कि मंदिर की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुजारियों ने बताया कि राजा-महाराजाओं के समय निर्मित इस ऐतिहासिक मंदिर की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के अधीन है। शासन द्वारा मंदिर के पुजारी को नियमित वेतन भी दिया जाता है, इसके बावजूद मंदिर के संरक्षण और मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
पुजारी परिवार के अनुसार मंदिर के गर्भगृह की छत में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। बारिश के समय पूरे गर्भगृह में करंट फैलने जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे भगवान चतुर्भुज महाराज की आरती और सेवा करने में भी भय बना रहता है। वहीं मंदिर की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
इसके अलावा जिस स्थान पर भोग-प्रसादी तैयार की जाती है, वहां की छत का प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है और लोहे के सरिए बाहर दिखाई दे रहे हैं। मंदिर परिसर के बाहर बना छज्जा भी गिर चुका है। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
पुजारी परिवार ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहर की ओर गंभीरता से ध्यान देते हुए शीघ्र जीर्णोद्धार कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके और नगर की इस प्राचीन आस्था को सुरक्षित रखा जा सके।

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