नेशनल लोक अदालत: ‘सुलभ न्याय, आपसी भाईचारा’; 14 मार्च को होगा विवादों का अंत
जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने ली समीक्षा बैठक, बैंक और नगर परिषद को अधिकतम छूट देने के निर्देश
देपालपुर (असलम बाबा) | आमजन को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से आगामी 14 मार्च 2026 को इस वर्ष की प्रथम ‘नेशनल लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा। तैयारियों को लेकर तहसील विधिक सेवा समिति देपालपुर के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक अदालत को सफल बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच ठोस समन्वय अनिवार्य है।
प्री-लिटिगेशन प्रकरणों पर विशेष फोकस
जिला न्यायाधीश ने नगर परिषद देपालपुर, बेटमा, गौतमपुरा और विभिन्न बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे जलकर, संपत्ति कर और ऋण संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में नियमों के दायरे में रहकर अधिकतम छूट प्रदान करें। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल फाइलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि पक्षकारों को वास्तविक आर्थिक राहत देकर उन्हें लंबे समय से चले आ रहे विवादों से मुक्त करना है।”
समय, धन और ऊर्जा की होगी बचत
बैठक को संबोधित करते हुए श्री खान ने कहा कि लोक अदालत आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का सबसे सशक्त माध्यम है। इससे न केवल न्यायालयों पर लंबित प्रकरणों का बोझ कम होता है, बल्कि पक्षकारों के समय, धन और ऊर्जा की भी बचत होती है। समझौते से सुलझे मामलों में समाज में सौहार्द और आपसी विश्वास का वातावरण मजबूत होता है।
प्रशासनिक और पुलिस अमला रहेगा सक्रिय
लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी सहयोग की अपील की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को लोक अदालत की प्रक्रिया और मिलने वाली छूट के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा, ताकि अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी इस योजना का लाभ उठा सके।

समीक्षा बैठक में एसडीओपी संघ प्रिय सम्राट, नगर निरीक्षक रणजीत सिंह बघेल, उप निरीक्षक भारत लाल यादव सहित बैंक प्रबंधक दीपक पाटीदार, प्रशांत जाटवा, एम.के. झा, हिमांशु जोशी, अनिल राठौर, दुर्गेश गुप्ता और नगर परिषदों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



