शहडोल में पत्रकार एकता का ऐतिहासिक संदेश शैलेंद्र तिवारी बने भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष
पत्रकार मिलन समारोह 2026 में संगठन को सशक्त करने का लिया गया संकल्प
शहडोल।राजा विराट की ऐतिहासिक नगरी शहडोल रविवार, 18 जनवरी 2026 को पत्रकारिता जगत के लिए एक प्रेरणादायी और ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी। देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित पत्रकार संगठन इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) के अंतर्गत संचालित भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की शहडोल जिला इकाई द्वारा आयोजित “पत्रकार मिलन समारोह 2026” गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
श्रेयांश रिसोर्ट में प्रातः 11 बजे से आयोजित इस आयोजन में संभाग व जिले के सैकड़ों पत्रकारों ने सहभागिता की। समारोह में पत्रकार एकता, स्वाभिमान, अधिकारों की रक्षा और संगठनात्मक मजबूती को लेकर एक सशक्त और स्पष्ट संदेश दिया गया। आयोजन ने यह संकेत दिया कि शहडोल का पत्रकार समाज अब अधिक संगठित, सजग और अधिकारों के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय सहमति से मंच पर घोषित हुए जिलाध्यक्ष
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण तब आया, जब भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव की सहमति के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने मंच से शैलेंद्र तिवारी (संवाददाता – जन-दुनिया) को शहडोल जिला इकाई का जिलाध्यक्ष घोषित किया।
इस घोषणा के साथ ही संगठन को नया नेतृत्व, नई दिशा और नई ऊर्जा प्राप्त हुई, जिससे उपस्थित पत्रकार साथियों में उत्साह और विश्वास का संचार हुआ।
“संगठन मजबूत होगा तो पत्रकार सुरक्षित रहेगा”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने अपने ओजस्वी संबोधन में संगठन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की स्थापना वर्ष 1950 में हुई थी। यह देश का सबसे पुराना और 15 राज्यों में सशक्त उपस्थिति वाला संगठन है। पत्रकार केवल खबरें लिखने तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज की आवाज़ बनता है। संगठन ही वह शक्ति है, जो पत्रकार को सम्मान, सुरक्षा और अधिकार प्रदान करती है।”
उन्होंने संगठन विस्तार, मजबूत संरचना और अधिमान्यता को पत्रकारों के भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा बताया और प्रत्येक पत्रकार से अधिमान्यता कराने की अपील की।
एकजुट पत्रकारों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता
वरिष्ठ पत्रकार अरविंद द्विवेदी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जब पत्रकार एकजुट होते हैं, तो उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि अधिमान्यता, सशक्त संगठनात्मक ढांचा और मजबूत नेतृत्व ही पत्रकारों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।
“संगठन ही पत्रकार की वास्तविक ताकत”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राहुल सिंह राणा ने कहा—
“हम सभी पत्रकार साथियों के सहयोग से संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पत्रकार समाज की आवाज़ है और संगठन उसकी शक्ति। पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और संगठन को जनहित व पत्रकार हित में और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।”
गरिमामय मंच, अनुभवी नेतृत्व की उपस्थिति
कार्यक्रम का मंच अत्यंत गरिमामय रहा। मंच संचालन श्यामदास मानिकपुरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अरुण कुमार द्विवेदी द्वारा किया गया।
मंचासीन विशिष्ट अतिथियों में घनश्याम डंडोतिया, अधिमान्य पत्रकार ऋतूपर्ण दवे, गोपाल दास बंसल, अनिल द्विवेदी, अरविंद द्विवेदी, लुकमान अली सहित अनेक वरिष्ठ व अनुभवी पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने संगठन की आवश्यकता, पत्रकार हितों और एकता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
शोकसभा में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान संवेदनशीलता और सम्मान की परंपरा का निर्वहन करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु दो मिनट का मौन रखकर शोकसभा आयोजित की गई।
श्रद्धांजलि अर्पित की गई—
शहडोल जिले के वरिष्ठ पत्रकार स्व. चंद्रशेखर त्रिपाठी,
अधिमान्य पत्रकार ऋतूपर्ण दवे की माताजी,
पत्रकार अरविंद पांडे की माताजी,
एवं कृष्णा तिवारी की माताजी को।
यह भावनात्मक क्षण पूरे कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना गया।
पत्रकार स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प
शहडोल में आयोजित यह पत्रकार मिलन समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह पत्रकार एकता, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा की नई शुरुआत बनकर सामने आया।
नव नियुक्त जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती और स्पष्ट दिशा मिली है। यह विश्वास और दृढ़ हुआ है कि शहडोल से उठी पत्रकार एकता की यह आवाज़ आने वाले समय में पत्रकार हितों की सशक्त और प्रभावी मिसाल बनेगी।





