ढोल-धमाकों की आतिशबाजी के बीच निकली भगवान श्रीकृष्ण की भव्य बारात, भजनों पर झूम उठा कथा पंडाल

राजगढ़ जिले के ग्राम तलावड़ा स्थित देव स्थान कालाजी महाराज परिसर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाह प्रसंग ने पूरे गांव को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर दिया। कथा प्रवक्ता साध्वी श्यामा बाई सा के सान्निध्य में यह आयोजन भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक बारात गांव के मुख्य मार्गों से निकाली गई। गांववासियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने ढोल धमाकों के साथ बारात को धूमधाम से कथा पंडाल तक आये। आतिशबाजी और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु नाचते-गाते हुए बारात के साथ आगे बढ़ते रहे।
कथा पंडाल में विवाह प्रसंग का सांकेतिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर कथा वाचक साध्वी श्यामा बाई सा द्वारा मधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिन पर महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी झूमते नजर आए। भजनों की मधुर स्वर सु पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो द्वारका नगरी का दिव्य विवाह उत्सव सजीव हो उठा हो।
अपने प्रवचन में साध्वी श्यामा बाई सा ने रुक्मणी जी की अटूट श्रद्धा और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनके समर्पण भाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति और दृढ़ विश्वास से भगवान स्वयं भक्त के जीवन में कृपा बरसाते हैं। विवाह प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समाज को संस्कार, धर्म और आदर्श जीवन का संदेश दिया।
दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। वहीं रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक श्री देवनारायण भगवान की कथा में भी श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन समिति द्वारा समुचित व्यवस्थाएं की गईं और ग्रामीणों ने सेवाभाव से योगदान दिया।
आयोजन समिति ने बताया कि 15 फरवरी को कथा का भव्य समापन, पूर्णाहुति एवं महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। छठे दिन का यह भव्य विवाह उत्सव ग्राम तलावड़ा में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
