प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय महाविद्यालय राजगढ़ में राष्ट्रीय वेबीनार का हुआ आयोजन

राजगढ़ शासकीय अग्रणी महाविद्यालय, राजगढ़ के तत्वावधान में “जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता: समकालीनयुग में” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग भोपाल संभाग डॉ. मथुरा प्रसाद रहे। जिन्होंने ऑनलाइन माध्यम से अपने प्रेरक उद्बोधन में जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता संरक्षक लीड कॉलेज प्राचार्य डॉ. वी.बी. खरे ने की तथा उन्होंने स्वागत उदबोधन के साथ – साथ जैव विविधता की वर्तमान प्रासंगिकता और जलवायु परिवर्तन के दूरगामी परिणाम पर चर्चा की। कार्यक्रम में संयोजन कार्य श्री राहुल भैसानिया संयोजक राष्ट्रीय वेबीनार, श्री सुरेश भाबर द्वारा किया गया। प्रारंभ में डॉ. आराधना यादव ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं शिक्षाविदों का स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
वेबीनार में प्रथम सत्र के विशेष वक्ता डॉ. मोह. शब्बीर सहायक प्राध्यापक वनस्पतिशास्त्र, कारगिल कैंपस, लद्दाख विश्वविद्यालय ने हिमालय ग्लेशियर, स्थानीय वनस्पति, जंतुओं पर जलवायु परिवर्तन के परिणाम पर शोध आधारित विचार साझा किए। द्वितीय सत्र के की नोट स्पीकर डॉ. राम यश प्रजापति सहायक प्राध्यापक भूगोल, शासकीय महाविद्यालय भेरमगढ़, छत्तीसगढ़ रहे। जिन्होंने अपने व्याख्यान में ग्लोबल वार्मिंग तथा उसके परिणाम एवं प्रबंधन तथा जैव विविधता पर परिलक्षित परिणाम पर सारगर्भित विचार रखे। विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. सी.पी. बांगे ने भी जलवायु परिवर्तन पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
वेबीनार के टेक्निकल कमेटी प्रभारी डॉ. सुभाष कुमार दांगी, सदस्य डॉ. लुकमान मंसूरी, डॉ. सुनीता साहू, डॉ. जया मोदी ने तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी अत्यंत कुशलता से निभाई, जिससे वेबीनार का सफल और सुचारु संचालन संभव हो सका। वेबीनार के मुख्य सलाहकार वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. रजनी खरे, डॉ मंगलेश सोलंकी, डॉ. सीमा सिंह रहे। आयोजन समिति में डॉ. शैलेंद्र मेवाड़े, डॉ. अखिलेश राय, श्री संतोष खरे के साथ ही अन्य संकाय सदस्य एवं महाविद्यालयीन अधिकारी, कर्मचारीगण ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
इस राष्ट्रीय वेबीनार में देशभर से करीब 38 प्राध्यापकगण और शोधार्थियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए। 192 प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया, बड़ी संख्या में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से विद्यार्थी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुभाष कुमार दांगी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
