पशुपालन योजनाओं में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, वेतनवृद्धि रोकने से लेकर वसूली तक के निर्देश

जिले में पशुपालन विभाग की योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है। वर्ष 2025–26 की समीक्षा बैठक में कमजोर प्रदर्शन सामने आने पर कलेक्टर ने नोटिस, वेतनवृद्धि रोकने और अनुदान राशि वेतन से वसूलने तक के निर्देश जारी किए।
समीक्षा में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन), मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, नंदीशाला (गौशाला), भेड़-बकरी इकाई, बैकयार्ड कुक्कुट योजना, पशुधन बीमा, गोपालक व मैत्री प्रशिक्षण सहित सभी प्रमुख योजनाओं की बिंदुवार जांच की गई।
NADCP अंतर्गत एफएमडी टीकाकरण (राउंड-7) में सारंगपुर का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। ब्यावरा, नरसिंहगढ़ और जीरापुर में गलत व अपूर्ण डेटा सुधारने के निर्देश दिए गए। सेक्स सॉर्टेड योजना में लक्ष्य से पिछड़ने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
नरसिंहगढ़ में कामधेनु योजना के प्रकरण समय पर स्वीकृत नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ी आपत्ति दर्ज की। वहीं ब्यावरा और नरसिंहगढ़ में कमजोर उपलब्धियों पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन) योजना में ब्यावरा की खराब स्थिति पर डॉ. अनीता पवार और डॉ. श्रुति सुमन की एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए गए। इस संबंध में आयुक्त, पशुपालन विभाग को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट द्वारा कॉल अटेंड नहीं किए जाने के मामलों को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए।

