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बाल विवाह मुक्त राजगढ़ अभियान अंतर्गत ग्रामीणों के साथ लगाई गई चौपाल


राजगढ़ बाल विवाह मुक्त राजगढ़ अभियान अंतर्गत खिलचीपुर के ग्राम नाटाराम और ग्राम रनारा में अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस को ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई गई। जिसमे ग्रामीणों ने बढ़ चढ़ के भाग लिया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को बाल विवाह के सामाजिक एवं कानूनी दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। वन स्टॉप सेंटर प्रशासक एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती रश्मि चौहान द्वारा बताया गया जहाँ अधिक संख्या में बाल विवाह संपन्न होते है वहा समुदाय को बाल विवाह रोकथाम संबंधी कानूनों की जानकारी दी गई। बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन है, जो उनके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर गंभीर प्रभाव डालता है। विशेषकर लड़कियों के लिए यह हिंसा, शोषण और यौन शोषण के जोखिम को बढ़ा देता है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कैलाश सोनी द्वारा बताया की महिलाएं देवी का स्वरूप होती हैँ चाह हो तों हर बुराई को खत्म कर सकती है इसलिए आप अपने बीच प्रचलित बाल विवाह, बाल सगाई जैसी बुराई को भी समाप्त कर सकते हैl बच्चों खूब पढ़ो और जीवन में सफलता हासिल करोl बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताया की बाल विवाह करने वाले या कराने वाले को 2 वर्ष तक की जेल और एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है l यदि कहीं बाल विवाह होने की आशंका हो, तो उसकी सूचना किस प्रकार और किन माध्यमों से दी जा सकती है। उन्होंने हेल्पलाइन एवं उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी दी। वन स्टॉप सेंटर प्रशासक एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती चौहान द्वारा ग्रामीण जनों को बाल विवाह मुक्त करने कि शपथ दिलायी गईl

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