एमपी में नैक की तर्ज पर गठित होगी सैक, सीएम डॉ. मोहन बोले- शिक्षा में निरंतर करें सुधार

*एमपी में नैक की तर्ज पर गठित होगी सैक, सीएम डॉ. मोहन बोले- शिक्षा में निरंतर करें सुधार*
– *मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की उच्च शिक्षा विभाग के कामों की समीक्षा*
– *युवा वर्ष के लिए उच्च शिक्षा सहित संबंधित विभाग करें आवश्यक तैयारी*
– *महाविद्यालयों में कृषि पाठ्यक्रम को लोकप्रिय बनाने का कार्य सराहनीय*
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 जून को उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिक्षण में शिफ्ट व्यवस्था भी लागू करने पर विचार किया जाए। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए। आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते अन्य संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्पों को लागू करने की तैयारी भी की जाए। उन्होंने प्रदेश में कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था सुनिश्चित कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई दी
*मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश*
• महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में रोजगार परक पाठ्यक्रम के संचालन पर जोर हो।
• पार्ट टाइम महाविद्यालय संचालित किए जाएं। प्रातः और शाम की शिफ्ट में कॉलेज चलाए जा सकते हैं।
• आवश्यकता के अनुसार सांदीपनि विद्यालयों के भवन में भी महाविद्यालय संचालित करें।
• कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को काउंसलिंग की भी व्यवस्था हो।
• खाद्य प्रसंस्करण,आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान सहित अन्य वोकेशनल विषयों के अध्ययन के लिए महाविद्यालयों में आवश्यक व्यवस्था की जाए।



